250 से ज़्यादा पूर्व नेवी अग्निवीर अब कोस्टल पुलिस में, नई परीक्षा नहीं ली गई
महाराष्ट्र सरकार ने इंडियन नेवी के 250 से ज़्यादा पूर्व अग्निवीरों को बिना नई भर्ती परीक्षा के कोस्टल पुलिस फोर्स में शामिल किया है।
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इंडियन नेवी के 250 से ज़्यादा पूर्व अग्निवीरों को अब महाराष्ट्र की कोस्टल पुलिस फोर्स में नौकरी मिल गई है। यह राज्य सरकार की एक पहल है। इसका मकसद उन लोगों को रोज़गार के मौके देना है जिन्होंने चार साल का मिलिट्री कार्यकाल पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को नागपुर में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये नियुक्तियां किसी एक्स्ट्रा भर्ती परीक्षा के बिना की जा रही हैं।
यह फैसला महाराष्ट्र की उन कोशिशों का हिस्सा है जिनके तहत राज्य पुलिस और सरकार की दूसरी सुरक्षा फोर्स में पुराने अग्निवीरों को जगह दी जानी है। जिन लोगों ने आर्म्ड फोर्स में अपनी तय सर्विस पूरी कर ली है और पुलिसिंग में करियर जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इस पहल में शामिल किया जा रहा है।
पहले बैच के रिक्रूट इंडियन नेवी से लिए गए हैं। उनकी तैनाती का मकसद महाराष्ट्र के कोस्टल सिक्योरिटी इंतज़ामों को मज़बूत करना है। उम्मीद है कि उनकी पिछली मिलिट्री ट्रेनिंग और ऑपरेशनल अनुभव से राज्य की कोस्टलाइन पर समुद्री निगरानी और सुरक्षा की ज़िम्मेदारियों में मदद मिलेगी।
फडणवीस के मुताबिक, ये रिक्रूट अपनी मिलिट्री सर्विस के दौरान ही कड़े सिलेक्शन प्रोसेस और बड़ी ट्रेनिंग से गुज़र चुके थे। बताया गया कि पुलिस फोर्स में सीधी भर्ती के लिए उनकी एलिजिबिलिटी तय करते वक्त उनके प्रोफेशनल अनुभव और हासिल की हुई काबिलियत को पहचाना गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल को लागू करते समय कोस्टल पुलिसिंग की खास ज़रूरतों का भी ध्यान रखा गया।
नेवी बैकग्राउंड वाले लोगों को इस फोर्स के लिए सही माना गया, क्योंकि वे समुद्री ऑपरेशन और सुरक्षा प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। नियुक्तियों को आसान बनाने के लिए मौजूदा भर्ती नियमों में बदलाव किए गए। इन बदलावों की वजह से पुराने अग्निवीरों को कोई दूसरा एग्जाम दिए या ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा किए बिना सीधे शामिल किया जा सका।
फडणवीस ने साफ किया कि भर्ती के नियम बनाते समय आर्म्ड फोर्सेज़ के सिलेक्शन स्टैंडर्ड्स को ध्यान में रखा गया था। इन लोगों ने मुश्किल मिलिट्री असेसमेंट पहले ही पूरे कर लिए थे और आर्म्ड फोर्सेज़ में काम भी कर चुके थे, इसलिए और टेस्टिंग की ज़रूरत नहीं समझी गई। बाद में चुने गए कैंडिडेट्स को अपॉइंटमेंट ऑर्डर जारी किए गए।
यह भर्ती पिछले महीने की उस घोषणा के बाद हुई है जिसमें मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र पुलिस और राज्य सरकार की दूसरी फोर्सेज़ में पुराने अग्निवीरों को शामिल करने की बात कही थी। तब कहा गया था कि चार साल की सर्विस पूरी करने वाले योग्य लोगों को नए एग्जाम या ट्रेनिंग के बिना मौके दिए जाएंगे।
इस ताज़ा नियुक्ति को उस पॉलिसी का पहला अमल बताया गया है, जिसके तहत पुराने नेवी कर्मचारियों को कोस्टल पुलिस फोर्स में लिया जा रहा है। इस पहल का मकसद उन्हें सिविलियन सरकारी नौकरी में आने में मदद करना है, और साथ ही उनकी मौजूदा मिलिट्री स्किल्स और अनुभव को महाराष्ट्र के समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन्स में काम में लाना है।
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