नालासोपारा में दिखा दुर्लभ लग्गर बाज, पालघर जिले में पहली बार दर्ज हुई मौजूदगी
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नालासोपारा के गोगटे नमक पन में 1 नवंबर को दुर्लभ लग्गर बाज दिखा। माना जा रहा है कि पालघर जिले में इस प्रजाति की यह पहली दर्ज मौजूदगी है।
नालासोपारा के गोगटे नमक पन में 1 नवंबर को एक दुर्लभ लग्गर बाज दिखाई दिया। माना जा रहा है कि पालघर जिले में इस प्रजाति को पहली बार दर्ज किया गया है।
इसे प्रकृति प्रेमी वैभव हल्दीपुर ने रिकॉर्ड किया। वे जंगल बडीज़ की ओर से बर्डवॉचिंग ट्रेल का नेतृत्व कर रहे थे। उनके साथ साथी बर्डवॉचर रिकिता शेठ भी थीं। दोपहर 12.35 बजे यह पक्षी झाड़ीदार इलाके में जमीन पर बैठा दिखा।
हल्दीपुर के मुताबिक यह प्रजाति मुंबई में आखिरी बार 2001 में देखी गई थी। इसी वजह से ताजा सूचना पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास अहमियत रखती है। लग्गर बाज (Falco jugger) महाराष्ट्र में कम दिखने वाला शिकारी पक्षी है और राज्य में बहुत कम जगहों से इसके प्रकाशित रिकॉर्ड हैं। यह भारतीय उपमहाद्वीप के कुछ हिस्सों में पाया जाता है, लेकिन अपने कई इलाकों में इसकी आबादी घटी है। IUCN की रेड लिस्ट में इसे नियर थ्रेटन्ड श्रेणी में रखा गया है।
हल्दीपुर ने कहा, "यह नजारा वसई-विरार इलाके के पर्यावरणीय महत्व को भी दिखाता है, जहां तेजी से शहरीकरण हो रहा है। बचे हुए प्राकृतिक ठिकानों पर विकास, आवास के बंटवारे और इंसानों से पैदा होने वाली दूसरी दिक्कतों का दबाव बढ़ रहा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि झाड़ीदार और खुले इलाकों को संरक्षण की योजना में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि वहां कई तरह के पक्षी, रेंगने वाले जीव, स्तनधारी और कीड़े-मकोड़े रहते हैं। नालासोपारा में लग्गर बाज का दर्ज होना बताता है कि इन ठिकानों पर नजर रखना और वहां की जैव विविधता का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना जरूरी है।


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