मुंबई में गर्मी और उमस जारी रहेगी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान जताया है। कोंकण और कोल्हापुर में हल्की बारिश के आसार हैं।
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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके आसपास के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान जताया है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
गुरुवार दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक, 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक के जिलावार पूर्वानुमान में शुरुआती दिनों के दौरान मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी और उमस रहने की संभावना है। यह पूर्वानुमान कोलाबा के IMD के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया है।
इसी पूर्वानुमान में कोंकण इलाके और कोल्हापुर जिले के कुछ हिस्सों में तय दिनों पर हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना भी बताई गई है। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में खासकर दोपहर और शाम के वक्त हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
कोल्हापुर और उसके घाट वाले इलाकों में पूर्वानुमान की शुरुआत में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं। हफ्ते के आखिर तक पूरे राज्य में मौसम ज्यादातर सूखा रहने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र के बाकी ज्यादातर हिस्सों में, यानी नासिक, पुणे, जलगांव, छत्रपति संभाजीनगर और विदर्भ के कई जिलों में मौसम सूखा रहेगा। रिपोर्ट में इन इलाकों के लिए कोई सक्रिय चेतावनी नहीं दी गई है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़े संभावित खतरे भी गिनाए हैं। निचले और शहरी इलाकों में पानी भर सकता है। सड़कों और पुलों पर पानी बहने से आवाजाही में दिक्कत आ सकती है। सड़क, रेल और हवाई सेवाओं में कुछ देर के लिए रुकावट, स्थानीय स्तर पर बिजली गुल होना और आसमान से जमीन पर बिजली गिरना भी संभावित असर में शामिल हैं।
30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं कमजोर पेड़ों को उखाड़ सकती हैं। कच्चे घरों, दीवारों और ठीक से न बने ढांचों को भी नुकसान पहुंच सकता है। बेमौसम बारिश और जलभराव से खड़ी फसलों, बागानों और बागवानी की उपज पर भी असर पड़ सकता है।
लोगों के लिए IMD की सलाह है कि सफर पर निकलने से पहले ट्रैफिक का हाल देख लें और स्थानीय ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी का पालन करें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों से दूर रहें और ऊंचे पेड़ों के नीचे पनाह न लें। कमजोर ढांचों से भी दूर रहें, जहां सुरक्षित हो वहां बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें, और पानी के स्रोतों तथा बिजली के संवाहक चीजों से दूर हट जाएं। जहां गरज के साथ बौछारों या तेज हवाओं का अंदेशा है, वहां लोग स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें।
किसानों के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि पकी हुई फसल जल्दी काट लें और उपज को नमी से बचाने के लिए सुरक्षित, ढकी हुई जगह पर रखें। फलों के छोटे पौधों और सब्जियों की फसल को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा दें। खेतों में पानी की निकासी ठीक रखें ताकि बारिश का फालतू पानी निकल जाए। खराब मौसम में सिंचाई और दवा का छिड़काव न करें, और बिजली कड़कने के वक्त मवेशियों को शेड के अंदर सुरक्षित रखें।
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