जरांगे की 500 करोड़ की ऑडियो क्लिप की जांच अब SIT करेगी, बलकवडे के हाथ में कमान
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मनोज जरांगे पाटील की 500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप पिछले हफ्ते खूब चर्चा में रही। इससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। शिंदे सेना और भाजपा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई, और इस क्लिप को लेकर रोज नए-नए दावे और जवाबी दावे सामने आ रहे हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT बनाया है। यह दल पता लगाएगा कि ऑडियो क्लिप असली है या नकली, और क्या वह एआई से बनाई गई है। सरकार ने इस काम के लिए एक आईपीएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है।
राज्य सरकार ने अप्पर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे की अध्यक्षता में यह SIT बनाई है। इसमें तीन सदस्य हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि ऑडियो क्लिप किसने किसको भेजी, उसकी सच्चाई क्या है और उसमें जो आवाज है वह किसकी है।
अप्पर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे के साथ समिति में पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और बजरंग बनसोडे भी शामिल हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि यह समिति किस-किस से पूछताछ करती है और क्या इसमें कोई नया मोड़ आता है। फिलहाल मनोज जरांगे पाटील के 500 करोड़ के आरोपों को लेकर राज्य में बड़ा विवाद चल रहा है।
बलकवडे का अंतरवाली सराटी से भी नाता रहा है। तीन साल पहले जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण के लिए अनशन चल रहा था। उस दौरान लाठीचार्ज का आरोप लगा और आंदोलन भड़क उठा। तब तुषार दोषी को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया था, और उनकी जगह शैलेश बलकवडे को जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था।
शैलेश बलकवडे 2010 बैच के IPS अधिकारी हैं और अभी मुंबई पुलिस में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के तौर पर काम कर रहे हैं। वे गोंदिया, नागपुर ग्रामीण और कोल्हापुर में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने गडचिरोली के नक्सली इलाके में दो साल सेवा दी है।
गडचिरोली के पुलिस अधीक्षक के रूप में नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने शानदार काम किया है। जालना में मराठा आंदोलन भड़कने के बाद उन्हें वहां पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। इसके अलावा वे नागपुर शहर और अहिल्यानगर में भी सेवा दे चुके हैं।
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