धारावी के एक शख्स पर केस, एक दिन में वोटर नाम हटाने के 24 आवेदन भरे
BMC के मुताबिक धारावी पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, जिसने तय सीमा से ज्यादा फॉर्म 7 आवेदन जमा किए।
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 24 अक्टूबर को एक आधिकारिक बयान जारी करके बताया कि धारावी पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक ही दिन में 24 आवेदन भरे।
BMC का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)-2026 कार्यक्रम के तहत जो सीमा तय की गई है, वह इन आवेदनों से पार हो गई थी। इसके बावजूद वह व्यक्ति आवेदन जमा करता रहा।
अधिकारियों के मुताबिक शिकायत गिरिधारी स्वामीनाथ जायसवाल के खिलाफ दी गई है। वह धारावी ईस्ट में 90 फीट रोड पर गंगाधरलाल चाल का रहने वाला है। यह इलाका 178-धारावी विधानसभा क्षेत्र में आता है।
BMC ने बताया कि जायसवाल ने एक दिन में फॉर्म 7 के 24 आवेदन जमा किए। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के तहत एक व्यक्ति रोज सिर्फ 10 ऐसे आवेदन दे सकता है। यानी जायसवाल ने इस सीमा का उल्लंघन किया।
शिकायत लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दी गई है। आरोप है कि उसने तय नियमों के खिलाफ जाकर ऐसे फॉर्म 7 आवेदन दिए, जिनमें झूठी और गलत जानकारी थी।
नगर निगम के बताए प्रावधानों के हिसाब से अगर यह साबित हो जाए कि फॉर्म 7 में जान-बूझकर झूठी जानकारी या झूठा घोषणापत्र दिया गया, तो आपत्ति करने वाले के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
फॉर्म 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी नाम को हटवाने के लिए होता है। इसके लिए तय आधार हैं, जैसे किसी एंट्री पर आपत्ति, मौत, दूसरी जगह शिफ्ट होना या नाम का दोहराव। यह सब लागू चुनावी नियमों के दायरे में आता है।
BMC के बयान में कहा गया कि मतदाता सूचियों का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)-2026 ECI के निर्देशों के मुताबिक पूरे बृहन्मुंबई इलाके में चल रहा था।
सभी विधानसभा क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूचियां 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुई थीं। दावे और आपत्तियां जमा करने की अवधि 31 अगस्त से 26 अक्टूबर 2026 तक रखी गई थी।
नगर निगम के मुताबिक रोज के 10 फॉर्म 7 की यह सीमा चुनाव अधिकारियों के निर्देशों के तहत प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए तय की गई थी।
धारावी का यह मामला दावे और आपत्तियां जमा करने की 26 अक्टूबर की आखिरी तारीख से कुछ ही दिन पहले सामने आया है। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई की ज्यादा जानकारी का इंतजार है।
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