Zepto और IRCTC किचन समेत मुंबई-पुणे के 6 बड़े ब्रांड्स के फूड लाइसेंस रद्द
FDA की जांच में तिलचट्टे, गंदगी और तापमान नियंत्रण में गड़बड़ी मिलने के बाद कार्रवाई
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महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने खाने की गुणवत्ता और सफाई को लेकर मुंबई में बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सफाई और नियमों में लापरवाही मिलने पर मुंबई के छह बड़े ब्रांड्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसमें झेप्टो का मालाड वाला सेंटर भी शामिल है। इसके अलावा पुणे में भी 12 ब्रांड्स पर कार्रवाई हुई है।
महाराष्ट्र FDA ने 8 सितंबर को जारी अपने प्रेस नोट में बताया कि अफसरों ने अलग-अलग जगहों की जांच की। इस दौरान कई जगह सफाई, खाना बनाने के तरीके, तापमान कंट्रोल और स्टाफ की हाइजीन में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके चलते सीधे लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
रेलवे पैसेंजर्स को खाना देने वाली IRCTC की बेस किचन और फूड प्लाजा भी FDA के रडार पर रहीं। कुल पांच जगहों की जांच हुई। इनमें से कुर्ला पश्चिम में आर. के. एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया, जबकि बाकी चार जगहों को सुधार के लिए नोटिस थमाई गई। जांच में कुर्ला की बेस किचन में तिलचट्टे घूमते मिले, खाना खुले में रखा जा रहा था, कचरे के पास ही खाना तैयार हो रहा था और किचन की हालत बहुत खराब थी।
Zepto के मालाड पश्चिम वाले Drogheria Sellers Pvt. Ltd. के परिसर में भी FDA को गंभीर खामियां मिलीं। जांच में भारी संख्या में तिलचट्टे, खराब कोल्ड चेन, गंदा गटर और स्टाफ की पर्सनल हाइजीन में कमी सामने आई। सबसे बड़ी गड़बड़ी नाशवान खाने की चीजों के तापमान में मिली - दूध, चीज और दही जैसी चीजें चौदह से पंद्रह डिग्री सेल्सियस पर रखी जा रही थीं, जबकि इन्हें दो से छह डिग्री सेल्सियस पर रखना जरूरी होता है। इसके बाद FDA ने तुरंत झेप्टो के इस सेंटर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया और बिक्री, स्टोरेज, डिलीवरी और ऑनलाइन ऑर्डर पूरे करने पर भी रोक लगा दी।
खारघर की मातेश्वरी मिल्क को भी झटका लगा है। यहां दूध के तापमान कंट्रोल, सफाई, कीट नियंत्रण और स्टाफ की मेडिकल जांच से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा था। FDA के मुताबिक ग्राहकों को दी गई जानकारी और दूध की टंकियों पर लिखी डिटेल में फर्क मिला। यही नहीं, पाश्चराइजेशन की सुविधा न होने के बावजूद पाश्चराइज्ड दूध सप्लाई किया जा रहा था। 7 सितंबर को सुनवाई हुई, जिसके बाद लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया।
जुहू के इस्कॉन कैंपस में मौजूद तीन फूड यूनिट्स भी FDA की कार्रवाई से नहीं बच पाईं। यहां पानी की नियमित क्वालिटी जांच के रिकॉर्ड गायब मिले, कच्चा और बना हुआ खाना गलत तरीके से रखा हुआ था। जांच में कीड़े-मकोड़ों का असर, सफाई में लापरवाही और स्टाफ की मेडिकल जांच व ट्रेनिंग के रिकॉर्ड न होने की बात भी सामने आई। इसके बाद तीनों फूड यूनिट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए।
FDA ने पुणे डिवीजन में भी फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई की, जहां कुल 12 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। इनमें 'आदिती वेज' बिना वैध फूड लाइसेंस के चल रही थी, इसलिए इसे बंद करने का आदेश दिया गया। वहीं काका वड़ा पाव, क्रिस्टल गोरमेट, गुरुकृपा चिकन प्लांट, होटल यशराज, श्री गणेश होटल, होटल सह्याद्री, सावनगिरी लोणी डोसा, गोल्डन चहा, जैक्सन डेयरी और खड़ा वड़ा पाव सेंटर सहित 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
FDA ने साफ कहा है कि खाने के कारोबार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों के लिए फूड सेफ्टी और सफाई के नियम मानना जरूरी है। खाने की क्वालिटी में किसी भी तरह की कमी पर कार्रवाई होगी - चाहे होटल हो, डेयरी हो, ऑनलाइन डिलीवरी वेयरहाउस हो या रेलवे बेस किचन। FDA ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।