युवक कांग्रेस का दावा, नागपुर में 500-600 रजिस्ट्रियां फर्जी दस्तावेजों से हुईं
महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस ने नागपुर के दुय्यम निबंधक कार्यालय क्रमांक 5 सहित अन्य कार्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सैकड़ों रजिस्ट्रियां होने का आरोप लगाया है और जांच की मांग की है।
नागपुर शहर में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर एक बड़ा आरोप सामने आया है, जिसने प्रशासन में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दुय्यम निबंधक कार्यालय क्रमांक 5 सहित शहर के अन्य कार्यालयों में करीब 500 से 600 दस्तावेजों की फर्जी या डुप्लीकेट रजिस्ट्री की गई है। संगठन का कहना है कि इन रजिस्ट्रियों में नकली या डुप्लीकेट RL, NA, नगररचना नकाशा और Sanction Map जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ।
युवक कांग्रेस के महासचिव अक्षय हेटे के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने नोंदणी उपमहानिरीक्षक और मुद्रांक उपनियंत्रक, नागपुर विभाग को निवेदन सौंपकर पूरे मामले की तुरंत विभागीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन चाहता है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री हुई, उनका मिलान असली सरकारी रिकॉर्ड से कराया जाए। उनका कहना है कि अगर सरकारी रिकॉर्ड और रजिस्ट्री के समय पेश किए गए दस्तावेजों में फर्क निकलता है, तो पूरे मामले की असली सच्चाई सामने आ जाएगी।
युवक कांग्रेस के मुताबिक यह मामला दो-चार दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब 500 से 600 संदिग्ध रजिस्ट्रियों की अलग-अलग जांच होनी चाहिए। संगठन ने मांग की कि हर दस्तावेज के बारे में यह पता लगाया जाए कि वह कहां तैयार हुआ, किस आधार पर उसे मंजूर किया गया, और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। सिर्फ दस्तावेजों की ऊपरी जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके पीछे के असली सरकारी रिकॉर्ड, परमिशन और नकाशे भी खंगाले जाने चाहिए।
सबूत गायब न हों, इसके लिए युवक कांग्रेस ने संबंधित दफ्तरों के CCTV फुटेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड, डिजिटल एंट्री, दस्तावेजों की स्कैन कॉपी और रजिस्ट्रेशन से जुड़ा पूरा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इसी डिजिटल रिकॉर्ड से पता चल सकता है कि रजिस्ट्री के वक्त कौन अधिकारी या कर्मचारी मौजूद था और एंट्री किस सिस्टम से हुई।
निवेदन में सब रजिस्ट्रार कृष्णा राऊत सहित संबंधित अधिकारियों और स्टाफ की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी होनी बाकी है। युवक कांग्रेस ने अधिकारियों को कथित तौर पर बनावटी मुहरों वाले कुछ दस्तावेजों के प्रमाण भी सौंपे हैं और इनकी तकनीकी जांच की मांग की है।
संगठन ने साफ कहा है कि अगर जांच में फर्जी दस्तावेज, नकली मुहरें या नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत फौजदारी केस दर्ज किया जाए। यह जांच सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि दस्तावेज बनाने वालों से लेकर उन्हें रजिस्ट्री में इस्तेमाल करने वालों और स्वीकार करने वाले जिम्मेदार लोगों तक पूरी चेन की पड़ताल हो।
युवक कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच तुरंत शुरू नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस तीखा आंदोलन छेड़ेगी। संगठन का कहना है कि जमीन-जायदाद के दस्तावेज सीधे आम लोगों के हक और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़े होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच जरूरी है।
पदाधिकारियों के दल में सुशांत लोखंडे, रजा अली, समीर तिमांडे, आशुतोष कांबले, शिवम चौधरी, साहिल मोहोड और अनुप भंडारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि पंजीयन विभाग शिकायत के बाद क्या कदम उठाता है और 500 से 600 दस्तावेजों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।