यूरोप में रशियन 'हायब्रिड हमलों' का डर, मैक्रों ने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा बढ़ाने के दिए आदेश
रशिया-यूक्रेन जंग के बीच यूरोप में जिसे 'हायब्रिड हमले' कहा जा रहा है, उसका डर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए फ्रांस ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने देश की अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की हिफाजत के लिए खास योजना तैयार करने का आदेश दिया है।
इस योजना में साइबर हमलों, ड्रोन से जुड़ी घटनाओं, तोड़फोड़ और दूसरी तरह की संभावित दखलअंदाजी से अहम सिस्टम्स को बचाने पर जोर रहेगा।
पिछले कुछ वक्त से यूरोप के कई देश ऐसी हायब्रिड कारवाइयों को लेकर चिंता जता चुके हैं, जिनके पीछे रशिया का हाथ बताया जा रहा है। ड्रोन की मूवमेंट, साइबर अटैक, गलत जानकारी फैलाने की कोशिशें और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं ने यूरोपीय देशों में सुरक्षा के मसले को और गंभीर बना दिया है। इसी वजह से फ्रांस ने भी अपने अहम सिस्टम्स की तैयारी परखना शुरू कर दिया है।
नए सुरक्षा प्लान में देश के रोजमर्रा के कामकाज के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जा सकती है। बिजली सप्लाई, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, कम्युनिकेशन, डिजिटल नेटवर्क, सरकारी सिस्टम्स और दूसरी अहम सेवाओं पर अगर साइबर या फिजिकल हमला होता है, तो इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इसीलिए संभावित हमलों को रोकने के साथ-साथ हमला होने के बाद सेवाओं को जल्दी पटरी पर लाने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
मैक्रों ने 16 सितंबर को नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में यूक्रेन की जंग के साथ-साथ यूरोप में बढ़ते हायब्रिड हमलों पर भी चर्चा हुई। फ्रांस पहले भी रशिया से जुड़ी बताई जा रही हायब्रिड कारवाइयों को लेकर चिंता जता चुका है।
अब अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए ज्यादा बड़ी और तालमेल वाली व्यवस्था बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इससे फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियां साइबर से लेकर असल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, कई मोर्चों पर तैयार होने की संभावना है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, मैक्रों ने 16 सितंबर 2026 को यूरोप में बढ़ते हायब्रिड हमलों के मद्देनजर डिफेंस एंड सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग बुलाई थी। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने भी रशियन हायब्रिड हमलों को लेकर चिंता जताई है।