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20:32 IST

ब्रह्मपुरी में बस चालक की सरेराह पिटाई, रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे पर कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी कोर्ट ब्रह्मपुरी के आदेश के बाद पुलिस ने रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे के खिलाफ ट्रैवल्स बस चालक को डंडे से पीटने के मामले में केस दर्ज किया है।

ब्रह्मपुरी में बस चालक की सरेराह पिटाई, रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे पर कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी में एक ट्रैवल्स बस चालक को भरी सड़क पर बुरी तरह पीटने के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी कोर्ट, ब्रह्मपुरी ने साफ आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। ब्रह्मपुरी के तत्कालीन थानेदार और अब रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे पर आरोप है कि उन्होंने चालक का सिर फोड़ा, उसे गाली-गलौज की और गैरकानूनी तरीके से पुलिस स्टेशन में बंद रखा। इस मामले में ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

कोर्ट ने फौजदारी विविध अर्ज नंबर 28/2024 में यह आदेश दिया था। इसी आदेश के आधार पर ब्रह्मपुरी पुलिस ने रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे के खिलाफ केस दर्ज किया है।

घटना 26 नवंबर 2023 की है। वाशिम जिले के कारंजा के रहने वाले और नागपुर के हुडकेश्वर इलाके में रहने वाले मोहन शालीकराम अडिवकर (उम्र 42), जो ट्रैवल्स बस चालक हैं, अपनी बस (नंबर MH-49-AT-3625) लेकर सवारियों के साथ गडचिरोली से नागपुर की तरफ जा रहे थे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ब्रह्मपुरी के रेलवे फाटक बंद होने की वजह से उनकी बस दूसरी गाड़ियों के पीछे खड़ी थी। फाटक खुलने पर जब आगे की गाड़ियां चलने लगीं, तभी पीछे से रॉंग साइड से एक हल्के आसमानी रंग की इनोवा कार (नंबर MH-29-AR-8855) आई। इस कार से सादे कपड़ों में उतरे एक शख्स ने बस रुकवाकर चालक को गंदी और अश्लील भाषा में गाली दी और रुकने को कहा। ट्रैफिक जाम की वजह से चालक बस नहीं रोक पाया, तो वह शख्स इनोवा कार से तेजी से ब्रह्मपुरी की तरफ चला गया।

इसके बाद दोपहर पौने चार बजे के करीब बस ब्रह्मपुरी के ख्रिस्तानंद हॉस्पिटल चौक पर रुकी, तो वही शख्स फिर से बस के पास आ गया। चालक को कुछ समझ में आने से पहले ही उस शख्स ने उसे नीचे खींचकर लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। उसी वक्त वहां ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस फिरोज पठान वहां पहुंचे। उस शख्स ने पठान की बाइक पर लगी पुलिस की लाठी खुद अपने हाथ में ले ली। बाद की जांच में साफ हुआ कि पीटने वाला यह शख्स और कोई नहीं, बल्कि ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन थानेदार सुधाकर अंभोरे ही थे। अंभोरे ने चालक के पैर और सीधे सिर पर सरकारी लाठी से जोरदार वार किए, जिससे चालक के सिर में गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। इतना ही नहीं, "यहां हमारा ही राज चलेगा" कहते हुए उन्होंने बस के कंडक्टर मनीष भोयर को भी पीटा।

गंभीर रूप से घायल चालक ने पास के ख्रिस्तानंद अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन अंभोरे ने बस के सभी यात्रियों को जबरदस्ती नीचे उतार दिया और खून से लथपथ चालक को ही जबरन गाड़ी चलाकर पुलिस स्टेशन ले जाने पर मजबूर किया। स्टेशन में उसका अल्कोहल टेस्ट लिया गया, जो निगेटिव आया। इसके बाद एक पुलिसवाले ने धमकाकर चालक के मोबाइल का लॉक नंबर ले लिया और घटना के वक्त लोगों ने जो वीडियो और सबूत बनाए थे, उन्हें डिलीट कर दिया। रात में चालक को अपने खर्चे से सीटी स्कैन कराना पड़ा। इलाज के बाद जब चालक शिकायत दर्ज कराने स्टेशन गया, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिस उपनिरीक्षक संघमित्रा बांबोळे और पुलिस उपनिरीक्षक प्रशांत खोब्रागडे ने थानेदार अंभोरे का बचाव करते हुए उसकी शिकायत लेने से साफ इनकार कर दिया और उसे भगा दिया।

स्थानीय स्तर पर पुलिस से इंसाफ न मिलने पर चालक ने उपविभागीय पुलिस अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायत दी। आखिरकार चालक ब्रह्मपुरी कोर्ट पहुंचा और धारा 156(3) के तहत गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश के बाद ब्रह्मपुरी पुलिस ने रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुधाकर अंभोरे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (अश्लील हरकत और गाली-गलौज), 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना), 341 (गैरकानूनी रूप से रोकना), 504 (शांति भंग के इरादे से अपमान) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 145(2) के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक रेवणसिद्ध कदम को सौंपी गई है। चालक ने इनोवा कार की मालकियत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। एक सीनियर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पर केस दर्ज होने से पूरे जिले की नजरें इस मामले पर टिकी हैं।

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