शुक्रवार, 18 सितमबर 2026

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20:35 IST

नागभीड: खरीदे प्लॉट की कंपाउंड दीवार तोड़ी, सराफा व्यापारी के परिवार से मारपीट, पिता-पुत्र पर FIR

चंद्रपुर जिले के नागभीड में ३० लाख रुपये में खरीदे गए प्लॉट की सिमेंट कंपाउंड दीवार तोड़ने से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंचा, पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।

नागभीड: खरीदे प्लॉट की कंपाउंड दीवार तोड़ी, सराफा व्यापारी के परिवार से मारपीट, पिता-पुत्र पर FIR
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिले के नागभीड शहर में एक प्लॉट को लेकर हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। विठ्ठल मंदिर चौक के रहने वाले पिता-पुत्र पर नागभीड पुलिस ने गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है। आरोप है कि रीतसर खरीदे गए प्लॉट की सिमेंट कंपाउंड दीवार तोड़ते हुए आरोपियों ने सराफा व्यापारी और उनके परिवार को गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह पूरा मामला एक ३० लाख रुपये के प्लॉट से जुड़ा है। नागभीड के तहसील रोड पर रहने वाले ६९ साल के सराफा व्यापारी अनिल नामदेवराव लांबट की तहरीर के मुताबिक, उनके घर के बगल में वसंत वारजुरकर के नाम पर २,३३० चौरस मीटर का खाली प्लॉट (नंबर २१/१-२१) था। लांबट ने यह प्लॉट खरीदने के लिए २२ अगस्त २०२३ को ३० लाख रुपये का खरीदी करार किया था। इसके बाद २ सितंबर २०२६ को मूल मालिक वसंत वारजुरकर ने नागभीड के दुय्यम निबंधक कार्यालय में जाकर यह प्लॉट लांबट की पत्नी लक्ष्मी लांबट के नाम रीतसर बेच दिया और जगह का कब्जा भी सौंप दिया। कब्जा मिलने के बाद लांबट परिवार ने १७ सितंबर को उस जगह पर सिमेंट के खंभे और प्लेट्स लगाकर पक्की कंपाउंड दीवार बनवाई थी, ताकि जगह सुरक्षित रहे।

लेकिन अगले ही दिन, १८ सितंबर २०२६ को सुबह करीब सवा आठ बजे विठ्ठल मंदिर चौक में रहने वाले अशोक वारजुरकर और उनका बेटा संकेत वारजुरकर उस प्लॉट पर पहुंचे। "यह हमारा प्लॉट है" ऐसा दावा करते हुए दोनों ने लांबट परिवार की बनाई सिमेंट कंपाउंड दीवार तोड़नी शुरू कर दी। जब दीवार की भिंतें तोड़कर वे अंदर घुसने लगे, तब अनिल लांबट अपने बेटों राहुल और प्रफुल के साथ उन्हें रोकने पहुंचे। इसी बीच आरोपी बहुत गुस्से में आ गए और लांबट परिवार को बहुत ही गंदी और अश्लील गालियां देने लगे। "प्लॉट में आओगे तो जान से मार देंगे" ऐसी सीधी धमकी उन्होंने दी, साथ ही लांबट की पत्नी और बहू को भी बेहद अपमानजनक और शर्मनाक शब्दों में गालियां दीं।

विवाद बढ़ता देख संकेत वारजुरकर ने जमीन पर पड़ा एक बोल्डर पत्थर उठाकर अनिल लांबट पर फेंका, जिससे उनके बाएं हाथ पर गंभीर चोट आई। इसी दौरान आरोपी पिता-पुत्र ने राहुल और प्रफुल दोनों को जोर से धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस मारपीट में राहुल के कंधे और बाएं पैर पर गहरी चोट लगी, वहीं प्रफुल के दाहिने हाथ में चोट आई। घटना के तुरंत बाद लांबट परिवार नागभीड पुलिस स्टेशन पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

इस शिकायत के आधार पर नागभीड पुलिस ने आरोपी संकेत अशोक वारजुरकर और अशोक वारजुरकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), २०२३ की धारा ११८(१), ११५(२), २९६, ३२९(३), ३५२, ३५१(२) और ३(५) के तहत केस दर्ज किया है। भरे दिन में हुई इस मारपीट की घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक अजिंक्य गोविंदलवार कर रहे हैं।

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