वेदांता के शेयर करीब 3% चढ़े, डिमर्जर के बाद पहले डिविडेंड की रेकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर
अनिल अग्रवाल की वेदांता ने बंटवारे के बाद का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित करने की तैयारी की है। बोर्ड की मीटिंग 8 अक्टूबर को होगी।
अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता ने अपने निवेशकों को एक अहम खबर दी है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में कंपनी का शेयर करीब 3% उछल गया। कहा जा रहा है कि इस तेजी की मुख्य वजह डिमर्जर है।
कंपनी ने अपने बंटवारे यानी स्प्लिट के बाद का पहला अंतरिम डिविडेंड तय किया है और उसकी रेकॉर्ड डेट बता दी है। वेदांता की मैनेजमेंट टीम ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए यह पहला अंतरिम डिविडेंड जाहिर किया है। इस लाभांश के लिए रेकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर रखी गई है।
हालांकि इस पर आखिरी घोषणा अभी बाकी है। वह 8 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग यानी निदेशक मंडल की बैठक में की जाएगी।
खास बात यह है कि वेदांता के पांच अलग कंपनियों में बंटने के बाद यह पहला डिविडेंड होगा। इसी वजह से शेयर बाजार और निवेशकों में कंपनी और इस डिविडेंड को लेकर काफी उत्सुकता है। जैसे ही कंपनी की तरफ से लाभांश की बात सामने आई, निवेशकों ने खरीदारी बढ़ा दी और शेयर में दमदार उछाल दिखा।
बाजार के जानकारों और फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को बड़ा डिविडेंड देने की वेदांता की पुरानी परंपरा आगे भी बनी रह सकती है, लेकिन उसके तरीके में थोड़ा बदलाव हो सकता है। अब कारोबार पांच अलग कंपनियों में बंट चुका है, इसलिए हर कंपनी का मुनाफा और कैश फ्लो अलग-अलग रहेगा।
जानकारों के मुताबिक आगे इन अलग हुई कंपनियों से मिलने वाला डिविडेंड सीधे दुनिया भर में चीजों के दामों पर निर्भर करेगा, जैसे धातु, तेल और गैस। पहले वेदांता एक संयुक्त कंपनी के तौर पर भारी डिविडेंड देती थी। डिमर्जर के बाद हर कारोबार की अपनी खास जरूरतें होंगी, जिससे आगे चलकर लाभांश की रकम में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है।
अगर आप वेदांता के निवेशक हैं और अंतरिम डिविडेंड का फायदा लेना चाहते हैं, तो तय की गई रेकॉर्ड डेट से पहले शेयर आपके डीमैट अकाउंट में होने चाहिए। तभी कंपनी के रिकॉर्ड में आपका नाम दर्ज होगा और कंपनी से मिलने वाले डिविडेंड का फायदा आपको मिलेगा।
यह कंपनी पहले वेदांता लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी। उसके बाद उसका बंटवारा पांच कंपनियों में हुआ: वेदांता लिमिटेड, जो मूल कंपनी है और जिसमें हिंदुस्तान जिंक कंपनी भी शामिल है; वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड, जो एल्युमिनियम का कारोबार संभालती है; वेदांता ऑइल एंड गैस लिमिटेड, जो तेल और गैस का कारोबार देखती है; वेदांता पावर लिमिटेड, जो बिजली का कारोबार करती है; और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड, जो लौह अयस्क और स्टील का कारोबार चलाती है।
शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिम के अधीन होता है, इसलिए निवेश से पहले किसी प्रमाणित निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।