वरुड तालुके की अंगणवाड़ियों में सुविधाओं का अभाव, खराब खाने और गंदे पानी से पालक नाराज
अमरावती जिले के वरुड तालुके की ग्रामीण अंगणवाड़ियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर पालकों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।
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अमरावती जिले के वरुड तालुके में ग्रामीण इलाकों की अंगणवाड़ियों की हालत फिर से चर्चा में आई है। ग्रामपंचायत और समूह ग्रामपंचायतों के अंतर्गत चल रही कई अंगणवाड़ियों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी देखी जा रही है। कहीं बिजली नहीं है तो कहीं गैस कनेक्शन तक नहीं है। कुछ अंगणवाड़ियों में तो टॉयलेट और नहाने की जगह तक नहीं है, जिसकी वजह से बच्चों की सेहत और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार ने अंगणवाड़ियों के काम के लिए तय समय सारणी बनाई है, फिर भी कई जगहों पर इसका पालन नहीं हो रहा, ऐसी शिकायतें पालकों ने की हैं।
अंगणवाड़ी सेविका और मदतनीस समय पर नहीं पहुंचतीं, जिस वजह से कुछ अंगणवाड़ियां वक्त पर शुरू नहीं होतीं। कुछ जगहों पर तो अंगणवाड़ियां बंद ही मिलती हैं, ऐसा आरोप नागरिकों ने लगाया है। बच्चों को पोषण आहार के जरिए अच्छा खाना मिले, इसके लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन ग्रामीण इलाकों की कुछ अंगणवाड़ियों में घटिया दर्जे का खाना दिया जा रहा है, ऐसी शिकायतें आई हैं। इस वजह से सरकार की मंशा और असल में बच्चों तक पहुंचने वाले फायदे के बीच बड़ा फासला दिख रहा है। कुछ अंगणवाड़ियों में सफाईघर और नहाने की जगह की सुविधा ही नहीं है, और कुछ जगहों पर गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, ऐसा नागरिकों का कहना है।
अंगणवाड़ियों में पीने के पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती, जिससे बच्चों की सेहत को खतरा बढ़ गया है। पानी को कीटाणुरहित करने के लिए जरूरी ब्लीचिंग पाउडर का भी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा, ऐसा आरोप लगाया गया है। अंगणवाड़ी के बच्चों को पोषण, सेहत और शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं मिलें, इसके लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन हकीकत में कई सालों से ग्रामीण इलाकों की कुछ अंगणवाड़ियों के बच्चे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि ग्रामीण इलाकों की अंगणवाड़ियों का असल में मुआयना करके वहां सुविधाओं की कमी दूर की जाए, सेविका और मदतनीस की मौजूदगी की नियमित निगरानी हो, बच्चों को अच्छा पोषण आहार मिले और साफ पानी, टॉयलेट, नहाने की जगह, बिजली और गैस की सुविधा जल्द से जल्द दी जाए। इस बारे में ग्रामीण इलाके के नागरिकों ने जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे को निवेदन देकर मांग की है।
अंगणवाड़ी सेविकाओं ने भी कई बार ग्रामपंचायत और समूह ग्रामपंचायत में इन समस्याओं की शिकायत की है। "लेकिन हमें सरपंच और सचिवों से सहयोग नहीं मिलता", ऐसा साधना पांडे, पर्यवेक्षक, बेनोडा (शहीद) ने कहा। इस पर महिला बालकल्याण प्रकल्प विभाग की नयना इंगोले ने बताया कि अंगणवाड़ियों की समस्याएं पंचायत समिति की बैठक में कार्ययोजना और बजट में रखी जाएंगी।