वर्धा में पशुपालन आधारित कारोबार बढ़ाने पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई
वर्धा में पशुसंवर्धन व दुग्धव्यवसाय कार्यालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत कार्यशाला आयोजित
वर्धा में पशुपालन से जुड़े कारोबार को गति देने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान, वर्धा जिला और भारत लाइवस्टॉक एंड मार्केटिंग प्रोड्यूसर कंपनी (BLAMP) फेडरेशन, नागपुर की तरफ से सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत पशुसंवर्धन व दुग्धव्यवसाय कार्यालय में रखी गई थी।
कार्यशाला में पशुधन आधारित एफपीसी और BLAMP फेडरेशन की ओर से कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इनमें बकरी की खरीद और संकलन, पशुखाद्य की जरूरत और उसका नियोजन, पशुधन आरोग्य शिविर, संकलन केंद्र, मांस विक्री केंद्र, मूल्यवर्धित उत्पाद और उनका विपणन, सरकारी योजनाओं का अभिसरण (गवर्नमेंट स्कीम कन्वर्जन्स), और 31 मार्च 2027 तक का व्यवसाय विकास नियोजन शामिल रहा। इसके साथ ही कारोबार में आने वाली दिक्कतों और उनके उपाय पर भी चर्चा हुई। यह पूरी कार्यशाला परियोजना संचालक वैशाली रसाळ मैडम के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी।
इस मौके पर सहाय्यक उपायुक्त पशुसंवर्धन व दुग्धव्यवसाय संजय खोपडे, जिला अभियान व्यवस्थापक निरज नखाते, जिला व्यवस्थापक-उपजीविका प्रतिक मुनेश्वर, जिला व्यवस्थापक विपणन मनीष कावडे, पशु चिकित्सक ऋषिकेश दोडेवार, तालुका अभियान व्यवस्थापक-सेलू ओमलता दरने, BLAMP संस्था के सीईओ दत्तात्रय चौगुले और मार्केटिंग मैनेजर भूषण खेर्डे मार्गदर्शक के तौर पर मौजूद रहे।
कार्यशाला में एकात्मिक खेती प्रभाग (IFC) परियोजना के तहत शुरू किए गए पशुधन आधारित उपक्रमों को आगे बढ़ाने और बकरी की खरीद-बिक्री के लिए जिले के पशुधन आधारित एफपीसी को इससे जोड़ने पर चर्चा हुई और आगे की कार्यवाही तय की गई। कार्यशाला में यह बात सामने आई कि पशुधन आधारित कारोबार महिलाओं के लिए बड़ा व्यवसाय बन सकता है, क्योंकि गांव में लगभग हर घर में पशुपालन होता है। अगर इन्हें सही तरीके से तांत्रिक मदद और देखभाल की जानकारी दी जाए, तो यह पशुपालन एक पूरे व्यवसाय का रूप ले सकता है। इसी के जरिए एफपीसी यानी किसान उत्पादक कंपनी से जोड़कर इस कारोबार को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके लिए उमेद, भारत लाइवस्टॉक एंड मार्केटिंग प्रोड्यूसर कंपनी (BLAMP) फेडरेशन नागपुर और पशुसंवर्धन व दुग्धव्यवसाय विभाग को साथ मिलकर काम करने की जरूरत बताई गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में दत्तात्रय चौगुले, मार्केटिंग मैनेजर भूषण खेर्डे और उमेद के सीएलएम मनोज चिखलकर का सहयोग रहा। इस कार्यशाला में जिले के आयएफसी प्रभाग के सभी प्रभाग समन्वयक, ब्लॉक एंकर, वरिष्ठ सीआरपी और पशुधन आधारित एफपीसी के सभी पदाधिकारी व संचालक मौजूद रहे।