मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:12 IST

वर्धा में ४१२ वननिवासियों को जमीन के पट्टे, ३२६ के सातबारा पर चढ़ेगा नाम

वन हक्क कायदा २००६ के तहत वर्धा जिला प्रशासन ने पारंपरिक वननिवासियों को जमीन के पट्टे दिए, अब सातबारा में सीधे नाम दर्ज होगा।

वर्धा में ४१२ वननिवासियों को जमीन के पट्टे, ३२६ के सातबारा पर चढ़ेगा नाम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

वर्धा जिला प्रशासन ने हर तरफ से जांच-पड़ताल करने के बाद पारंपरिक वननिवासी ४१२ लोगों को वन हक्क कायदा २००६ के तहत जमीन के पट्टे दिए हैं। इनमें से ३२६ लोगों ने अपनी ई-केवायसी पूरी कर ली है। शासन की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए फिलहाल गांव नमुना '७-ई' और '१२-ई' तैयार किया जा रहा है। यह काम पूरा होते ही इन ३२६ पारंपरिक वननिवासी परिवारों के सातबारा पर वनपट्टाधारकों का नाम चढ़ जाएगा।

वन हक्क कायदा २००६ के तहत आदिवासी और पारंपरिक वननिवासी परिवारों को खेती और रहने के लिए जमीन के पट्टे दिए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया जिला स्तर पर बनी एक समिति द्वारा हर पहलू की पड़ताल करने के बाद पूरी की जाती है। पहले इन जमीनों की एंट्री सिर्फ सातबारा के 'इतर हक्क' कॉलम में होती थी। लेकिन अब वनहक्कधारकों के लिए अलग से गांव नमुना ७-ई और गांव नमुना १२-ई लागू किए गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब पहले की तरह 'इतर हक्क' कॉलम में नाम रहने के बजाय, गांव नमुना ७-ई में सीधे संबंधित वनहक्क पाने वाले व्यक्ति या परिवार का नाम 'मुख्य खातेदार/भोगवटादार' के तौर पर दर्ज होगा।

खास बात यह है कि इस सातबारा पर साफ लिखा रहेगा कि यह जमीन वन हक्क कायदे के तहत मिली है, इसलिए इसे किसी को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। यह जमीन सिर्फ वारिस हक से ही परिवार में आगे ट्रांसफर हो सकती है।

वन हक्क कायदे के तहत दी गई जमीन का गांव नमुना '१२-ई' युद्धस्तर पर तैयार किया जा रहा है। यह काम पूरा होने के बाद किसान इस वन जमीन पर जो भी फसल लगा रहे हैं, उसकी सही एंट्री गांव नमुना १२-ई में हो सकेगी। इसके अलावा, इस एंट्री की वजह से वनपट्टाधारकों को आधिकारिक तौर पर किसान के तौर पर कानूनी मान्यता भी मिलेगी, ऐसा बताया गया है।

इन अलग एंट्रीज से वनहक्कधारक किसानों के लिए पीएम किसान योजना, फसल बीमा, खेती से जुड़ी सरकारी सब्सिडी, कर्ज और प्राकृतिक आपदा के समय मिलने वाली मदद हासिल करने का रास्ता आसान होगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे