बुधवार, 16 सितमबर 2026

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22:40 IST

वनसडी में वन विभाग दफ्तर के पास जुगार अड्डे का आरोप, स्थानीय लोग परेशान

कोरपना तालुका के वनसडी गांव में झेंडी-मुंडी, कटपत्ता और सट्टा जैसे अवैध धंधे वन विभाग के सरकारी दफ्तर के करीब चलने का दावा, पुलिस से जांच की मांग

वनसडी में वन विभाग दफ्तर के पास जुगार अड्डे का आरोप, स्थानीय लोग परेशान
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कोरपना तालुका के वनसडी गांव में अवैध धंधों को लेकर इन दिनों जोरदार चर्चा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि झेंडी-मुंडी, कटपत्ता और सट्टा जैसे तीन अवैध धंधे यहां एक साथ फिर से सिर उठा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा वन विभाग के सरकारी दफ्तर के आसपास या उससे सटे इलाके में चल रहा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, वणी की एक टोली से जुड़े लोग और गडचांदूर इलाके के कुछ लोग मिलकर वनसडी में यह जुगार अड्डा चला रहे हैं, ऐसी चर्चा है। लेकिन इस दावे की भी अलग से कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए संबंधित पुलिस और वन विभाग को खुद मौके पर जाकर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ऐसी मांग की जा रही है।

इस कथित जुगार अड्डे की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी इलाके की महिलाओं को हो रही है, ऐसी शिकायत है। खेत-खलिहान जाने वाली महिलाओं को इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है। यहां जुगार के लिए जमा होने वाली भीड़ और कथित अवैध हरकतों की वजह से महिलाओं को असहज होना पड़ता है और परेशानी झेलनी पड़ती है, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर सरकारी दफ्तर का इलाका ही अवैध धंधों के लिए इस्तेमाल हो रहा है, तो यह सब किसके आशीर्वाद से चल रहा है। क्या वन विभाग के संबंधित अधिकारियों के ध्यान में यह बात आई है, और अगर आई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह सवाल अब पूछा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में अवैध धंधों पर पहले भी पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद यह कथित जुगार का धंधा फिर से जोर-शोर से शुरू हो गया, ऐसी चर्चा है, जिससे कार्रवाई का डर कितना बचा है, यह सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय चर्चा में 'मयूर' और 'वणी गैंग' जैसे नाम भी लिए जा रहे हैं, लेकिन इनका कथित अवैध धंधे से असल में क्या संबंध है, यह पुलिस जांच से ही साफ होना जरूरी है। एक बार कार्रवाई होने के बाद अगर उसी इलाके में फिर से अवैध धंधा शुरू हो जाता है, तो सवाल सिर्फ जुगार का नहीं रह जाता, बल्कि यह भी पूछा जाना जरूरी है कि इस धंधे को संरक्षण किसका है, जानकारी होने के बावजूद अनदेखी किसकी है, और कार्रवाई के बाद फिर से दुकान खोलने की हिम्मत कहां से आती है।

कोरपना इलाके में सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने फौरन कार्रवाई करके अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया, ऐसी चर्चा है। अब सबकी निगाहें वनसडी की तरफ लगी हैं कि वहां पुलिस कब कार्रवाई करती है।

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