वानाडोंगरी में निर्माणस्थल पर निकला बड़ा अजगर, सर्पमित्रों ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
नागपुर के वानाडोंगरी इलाके में निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को दिखा विशाल अजगर, सर्पमित्र अमित उके और आकाश मेश्राम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।
नागपुर के वानाडोंगरी इलाके में एक निर्माण साइट पर काम कर रहे मजदूरों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब उन्हें अचानक एक भारी-भरकम अजगर नजर आया। साइट पर मौजूद इतने बड़े सांप को देखकर मजदूर और आसपास के लोग कुछ देर के लिए सहम गए। किसी अनहोनी की आशंका से डरे नागरिकों ने बिना देर किए सर्पमित्रों को इसकी खबर दी।
सूचना मिलते ही सर्पमित्र अमित उके और आकाश मेश्राम फौरन मौके की तरफ रवाना हुए। दोनों ने पहुंचकर निर्माणस्थल का बारीकी से जायजा लिया और थोड़ी ही देर में उस विशाल अजगर को सुरक्षित तरीके से ढूंढ निकाला। उन्होंने बताया कि यह अजगर प्रजाति का सांप है, जिसे बिना किसी नुकसान पहुंचाए सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करना जरूरी था।
अजगर को पकड़ना इतना आसान नहीं था। निर्माणस्थल पर बिखरे सामान और तंग जगह के बीच सर्पमित्रों को बड़ी सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। आकाश मेश्राम ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू में किया। काफी तजुर्बे और सावधानी के बाद आखिरकार अजगर पकड़ में आ गया।
इलाके में आकाश मेश्राम की पहचान उन युवाओं में होती है जो जरूरत पड़ने पर सर्पमित्र के तौर पर तुरंत मदद के लिए पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या देर रात, किसी के घर, निर्माणस्थल या सुनसान जगह पर सांप निकलने की खबर मिलते ही आकाश मेश्राम मदद के लिए पहुंच जाते हैं, चाहे हालात कितने भी जोखिम भरे क्यों न हों।
सर्पमित्रों ने मौके पर मौजूद लोगों को यह भी समझाया कि सांप दिखने पर उसे मारने या पत्थर मारने की बजाय तुरंत ट्रेंड सर्पमित्रों को खबर करनी चाहिए। उनके मुताबिक ज्यादातर मामलों में सांप इंसानों पर हमला करने के इरादे से नहीं, बल्कि सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं।
रेस्क्यू पूरा होने के बाद अजगर को सुरक्षित तरीके से प्राकृतिक जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया। अजगर के जंगल में सुरक्षित छोड़े जाने के बाद वहां मौजूद मजदूरों और नागरिकों ने राहत की सांस ली।
वानाडोंगरी में हुए इस पूरे रेस्क्यू के बाद स्थानीय नागरिकों ने अमित उके और आकाश मेश्राम के काम की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना था कि जहां सांप दिखते ही ज्यादातर लोग डरकर दूर भाग जाते हैं, वहीं सर्पमित्र अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना मौके पर पहुंचकर सांप की जान बचाते हैं।
खासतौर पर आकाश मेश्राम के लगातार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने और देर रात तक भी रेस्क्यू में जुटे रहने की इलाके में चर्चा रहती है। उनका कहना है कि सांप को मार देना किसी समस्या का हल नहीं है, सांप भी पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं और उन्हें बचाकर सुरक्षित प्राकृतिक ठिकाने में छोड़ना ही सही तरीका है।
वानाडोंगरी की इस घटना में भी सर्पमित्रों के वक्त पर पहुंचने से एक तरफ लोगों में फैला डर दूर हुआ, तो दूसरी तरफ एक विशाल अजगर की जान भी बच गई।