बुधवार, 16 सितमबर 2026

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23:24 IST

वाई में नगरपरिषद की सख्ती: अवैध फ्लेक्स, टपरियां और नालों पर अतिक्रमण हटाया

वाई शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद नगरपरिषद ने मुख्य चौकों और बाजार इलाकों में कार्रवाई शुरू की।

वाई में नगरपरिषद की सख्ती: अवैध फ्लेक्स, टपरियां और नालों पर अतिक्रमण हटाया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वाई शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या को देखते हुए नगरपरिषद ने आखिरकार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में तथा मुख्याधिकारी संजीवनी दळवी के आदेश पर नगरपरिषद के अतिक्रमणविरोधी दस्ते ने शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए बिना परमिशन लगे फ्लेक्स, बैनर और होर्डिंग्स हटा दिए।

इस मुहिम में सिर्फ फ्लेक्स और होर्डिंग्स ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक में रुकावट डालने वाली अवैध टपरियां, लोहे के बैरिकेड्स, नालों पर हुए अवैध निर्माण और सड़क पर खड़ी गाड़ियों की अवैध पार्किंग पर भी कार्रवाई की गई।

दरअसल शहर के मुख्य चौराहों, बाजारों, प्रमुख सड़कों और हाईवे से जुड़ने वाले रास्तों पर बिना अनुमति लगाए गए फ्लेक्स और बैनर से शहर की शक्ल बिगड़ रही थी। साथ ही सड़क किनारे बिना परमिशन बनी टपरियों और दुकानों के आगे के अतिक्रमण से गाड़ियों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कत हो रही थी। लोगों की लगातार शिकायतें आने के बाद नगरपरिषद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का फैसला लिया।

किसनवीर चौक, गणपती आळी, भाजी मंडई इलाके और हाईवे से जुड़ने वाली मुख्य सड़कों पर नगरपरिषद के दस्ते ने पहुंचकर बिना परमिशन लगे फ्लेक्स-बैनर हटाए। ट्रैफिक वाले रास्ते पर अतिक्रमण करके बनाई गई कुछ अवैध टपरियों को भी जब्त किया गया। कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे लोहे के बैरिकेड्स लगाकर नालों पर अतिक्रमण कर रखा था और सड़क रोककर अवैध पार्किंग बना रखी थी, वहां भी नगरपरिषद के दस्ते ने कार्रवाई की।

नगरपरिषद प्रशासन ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि सड़कें, चौक और सार्वजनिक जगहें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए हैं। इसलिए सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण करके ट्रैफिक में रुकावट डालने वालों और बिना परमिशन फ्लेक्स-बैनर लगाकर शहर की शक्ल बिगाड़ने वालों को नियमों का पालन करना चाहिए।

मुख्याधिकारी संजीवनी दळवी ने कहा कि वाई शहर का ऐतिहासिक और पर्यटन के लिहाज से महत्व देखते हुए शहर की खूबसूरती बनाए रखना, सार्वजनिक जगहों को खाली रखना और ट्रैफिक व्यवस्था ठीक रखना जरूरी है। इसी सोच के साथ यह मुहिम शुरू की गई है और आगे भी शहर में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती रहेगी। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, जिसके बाद अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

इस बीच नगरपरिषद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पार्किंग की समस्या गंभीर होने के चलते वे अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी करने की बजाय तय की गई अधिकृत जगह पर ही पार्क करें। सिर्फ कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी, नागरिकों को भी ट्रैफिक अनुशासन और सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल में जिम्मेदारी से पेश आना होगा।

इस कार्रवाई में नारायण गोसावी, कोमल मधुकर साबळे (स्थापत्य नगर अभियंता तथा दस्ता प्रमुख), अनंत प्रभुणे (स्थापत्य अभियंता तथा दस्ता प्रमुख), सर्वेश खाडे (सहायक दस्ता प्रमुख), मनोज बारटक्के (अधिकारी), विजय मारोडा (स्वच्छता निरीक्षक), चंद्रकांत अडसूळ, राहुल शिंदे, यश पवार, आदित्य कांबळे, प्रसाद पाटोळे, सागर लाड, कैलास लाड, रोहित गाढवे, राजेंद्र चौगुले, अमोल रोकडे, प्रमोद जाधव, रवींद्र काळोखे और आयुष लाड शामिल रहे।

शहर के नागरिकों ने नगरपरिषद की इस कार्रवाई का स्वागत किया है, साथ ही उम्मीद जताई है कि यह मुहिम सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित न रहकर लगातार चलती रहे। सड़कों और सार्वजनिक जगहों को अतिक्रमणमुक्त करने की इस मुहिम से अतिक्रमण करने वालों को साफ संदेश मिला है कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई झेलनी ही पड़ेगी।

लोकनियुक्त नगराध्यक्ष अनिल सावंत ने कहा, "वाई शहर में पार्किंग की समस्या गंभीर है और सड़कों पर ट्रैफिक सुचारू करने के लिए गाड़ी मालिकों को अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी करने की बजाय सही पार्किंग की जगह पर खड़ी करनी चाहिए। लेकिन हाथ से पेट भरने वाले छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई करते वक्त उनकी रोजी-रोटी का सवाल भी ध्यान में रखा जाएगा। सड़क किनारे टपरी लगाकर धंधा करने वाले नागरिकों के लिए हॉकर्स जोन बनाकर उनकी रोजी-रोटी का रास्ता निकाला जाएगा। किसी के पेट पर लात नहीं आएगी और किसी के सामने भूखे रहने की नौबत नहीं आने दी जाएगी।"

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