वाई में बजाज चेतक खरीदी, साढ़े तीन महीने बाद भी पासिंग नहीं, महिला ग्राहक परेशान
वाई में डीलर के आश्वासन पर स्कूटर ले गईं महिला, अब भी नंबर प्लेट और पासिंग के इंतजार में
वाई शहर में बजाज कंपनी के अधिकृत डीलर स्वामी मोटार्स से इलेक्ट्रिक बजाज चेतक स्कूटर खरीदने वाली सौ. प्रमिला चव्हाण को साढ़े तीन महीने बीत जाने के बाद भी अपनी गाड़ी की पासिंग नहीं मिली है। सौ. चव्हाण ने आरोप लगाया है कि डीलर बार-बार आश्वासन देने के बावजूद वाहन की रजिस्ट्रेशन पूरी नहीं कर रहा और उन्हें जानबूझकर टाला जा रहा है।
सौ. चव्हाण ने बताया कि उन्होंने 29 मई 2026 को स्वामी मोटार्स से यह स्कूटर खरीदी थी। गाड़ी की डिलीवरी के वक्त डीलर ने लगातार छुट्टियां होने की बात कहते हुए उनसे कहा, "गाड़ी ले जाओ, पासिंग मैं करवा दूंगा" यानी गाड़ी ले जाइए, पासिंग मैं करवा दूंगा। डीलर की इस बात पर भरोसा करके उन्होंने स्कूटर अपने पास रख लिया। लेकिन इसके बाद जब भी उन्होंने पासिंग के लिए संपर्क किया, कोई ठीक जवाब नहीं मिला।
सौ. चव्हाण के मुताबिक जब भी उन्होंने डीलर को फोन किया, हर बार नया बहाना मिला। कभी कहा गया कि वे बीमार हैं और अस्पताल में हैं, तो कभी बताया गया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई है। इसके बाद यह भी कहा गया कि पासिंग के लिए सातारा आए हैं। इस दौरान डीलर ने दो बार फोन करके पासिंग के नाम पर ओटीपी मांगा। ओटीपी देने के दो दिन बाद नंबर प्लेट लगवाने के लिए बुलाया गया, लेकिन उसके बाद भी पासिंग पूरी नहीं हो सकी, ऐसा आरोप है।
सौ. चव्हाण ने कहा कि 29 मई को गाड़ी खरीदने के बाद से साढ़े तीन महीने से लगातार डीलर के पास पासिंग के लिए चक्कर काट रही हैं, लेकिन आज तक काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गाड़ी खरीदने के बाद उसकी रजिस्ट्रेशन, जरूरी कागजात और नंबर प्लेट को लेकर ग्राहक को साफ जानकारी मिलनी चाहिए थी, लेकिन बार-बार आश्वासन के बावजूद यह काम पूरा नहीं हुआ।
सौ. चव्हाण ने सवाल उठाया कि सरकारी नियमों के मुताबिक वाहन की रजिस्ट्रेशन और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही गाड़ी ग्राहक को सौंपी जानी चाहिए थी, फिर बिना पासिंग वाली गाड़ी उन्हें कैसे दे दी गई। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन पेंडिंग रहते हुए ग्राहक को गाड़ी इस्तेमाल करने देना सही है या नहीं, इसकी जांच संबंधित विभाग को करनी चाहिए। साथ ही पासिंग की जिम्मेदारी रखने वाले डीलर की वजह से जो परेशानी हुई, उसका स्पष्टीकरण कंपनी को देना चाहिए।
सौ. चव्हाण ने यह गंभीर सवाल भी उठाया कि पासिंग पेंडिंग रहते हुए अगर सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त कोई एक्सीडेंट या अनहोनी घटना हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा, "बजाज कंपनी के अधिकृत डीलर से गाड़ी खरीदने के बावजूद साढ़े तीन महीने से पासिंग के लिए पीछे लगना पड़ रहा है। डीलर के आश्वासन पर भरोसा करके गाड़ी ली, लेकिन अब तक पासिंग नहीं हुई। ऐसे में ग्राहकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?"
सौ. प्रमिला चव्हाण ने मांग की है कि संबंधित परिवहन विभाग इस मामले की जांच करके तुरंत गाड़ी की पासिंग करवाए। साथ ही उन्होंने कहा कि गाड़ी खरीदते समय ग्राहकों को जरूरी कागजात, रजिस्ट्रेशन की स्थिति और वाहन इस्तेमाल को लेकर साफ जानकारी देने की व्यवस्था होनी चाहिए।