उपमुख्यमंत्री शिंदे के दरे गांव वाले घर में गौराई का आगमन, परिवार के साथ मनाया उत्सव
सातारा जिले के दरे गांव में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पैतृक घर पर गौरी-गणपति का दर्शन किया और गांव के पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
सोमवार से गणपति बाप्पा हर घर और चौक में विराजमान हो चुके हैं। ढोल-ताशों की गूंज और भक्तिमय माहौल में जगह-जगह बाप्पा का स्वागत हुआ। 'गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ती मोरया' के जयकारों के बीच पूरे इलाके में गणेश भक्ति की लहर दिखी। इसी कड़ी में पांचवें दिन गौराई का स्वागत करने की परंपरा निभाई गई।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस मौके पर अपने मूल गांव यानी सातारा जिले के दरे गांव पहुंचे। उन्होंने अपने घर पर गौरी और गणपति का दर्शन किया और गांव में होने वाले पारंपरिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शिरकत की।
शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हर साल हमारे गांव के घर में गणपति होते हैं, इसी वजह से मैं गांव के घर गणपति के लिए आता हूं। पूरे देश में गणेश उत्सव मनाया जाता है, जहां-जहां मराठी लोग हैं वहां गणेश उत्सव मनाया जाता है। मैं गांव आकर वृक्षारोपण करता हूं, बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए वृक्षारोपण होना ही चाहिए। सरकार की तरफ से करोड़ों पेड़ लगाए गए हैं। कौन मुझ पर आरोप-प्रत्यारोप करता है, इस पर मैं ध्यान नहीं देता।"
दरे गांव में उपमुख्यमंत्री के घर पर बड़े उत्साह, खुशी और पारंपरिक तरीके से गणेशोत्सव मनाया गया। इसी मौके पर घर में गौराई का भी वाजते-गाजते आगमन हुआ। रात देर तक शिंदे परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर भजन, पारंपरिक जाखड़ी नृत्य और सामूहिक आरती जैसे कई कार्यक्रम किए। इस सामूहिक आरती से पूरा घर भक्तिभाव से भर गया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पिता संभाजी शिंदे, पत्नी लता शिंदे समेत परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने भी इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
शिंदे परिवार के इस गणेशोत्सव में सिर्फ परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि गांव के लोगों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। भजन, जाखड़ी नृत्य और सामूहिक आरती में गांववालों की भागीदारी ने पूरे माहौल को और उत्सवी बना दिया।