उमरेड अभयारण्य में बाघिन और शावकों को घेरा, 6 चालक और 6 गाइड 6 महीने के लिए निलंबित
गोठनगांव गेट के पास सफारी गाड़ियों ने एफ-2 बाघिन और उसके 4 शावकों का रास्ता रोका था। वन विभाग ने 12 कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।
नागपुर जिले के उमरेड-पवनी-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य में बाघिन को घेरने के मामले में वन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। गोठनगांव गेट के पास एफ-2 बाघिन और उसके 4 शावकों को सफारी गाड़ियों ने चारों तरफ से घेर लिया था। इस मामले में विभाग ने 12 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
कार्रवाई की जद में 6 सफारी चालक और 6 गाइड आए हैं। विभाग ने इन सभी को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है।
घटना पिछले महीने की 27 तारीख की है। उस दिन सुबह करीब 7.45 बजे सफारी वाहनों ने एफ-2 बाघिन और उसके शावकों को घेर लिया। इससे जंगली जानवरों के खुलकर घूमने में रुकावट पैदा हुई।
यह पहली बार नहीं है। बीते साल भी एफ-2 बाघिन और उसके शावकों का रास्ता रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। तब 4 जिप्सी चालकों और 4 गाइडों को निलंबित किया गया था।
वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश जारी किए। आदेश के मुताबिक संबंधित चालकों और गाइडों पर 1 अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक सफारी के संचालन से जुड़ी गतिविधियों में रोक रहेगी।
कार्रवाई के दायरे में आए गाइड और सफारी चालकों ने शुरुआत में विभाग के आरोपों को मानने से इनकार कर दिया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।
पैच के उपसंचालक अक्षय गजभिये के अनुसार, बाघिन को दिखाने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी चूक होने की बात कबूल की। इसके बाद ही संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार गाइड और चालकों को मिलाकर 12 से 15 लोगों पर कार्रवाई हुई है।
वन विभाग ने साफ कहा है कि अभयारण्य में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक ठिकाने और उनके बेरोकटोक घूमने में किसी भी तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए विभाग गश्त बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही सफारी चालकों और गाइडों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की भी तैयारी चल रही है।