उम्र सीमा आड़े आई तो बेटी को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का मौका, मैट का आदेश
नागपुर ग्रामीण पुलिस में तैनात सिपाही की मौत के बाद पत्नी को उम्र के चलते नौकरी नहीं मिली, अब मैट ने बेटी का नाम प्रतीक्षा सूची में डालने को कहा।
अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण यानी मैट की नागपुर खंडपीठ ने अहम आदेश दिया है। एक पुलिस कर्मचारी की पत्नी को उम्र सीमा पार होने की वजह से अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पाई थी, ऐसे में अब उनकी बेटी को नौकरी देने का रास्ता खुल गया है। मैट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि बेटी का नाम अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में शामिल किया जाए।
यह पूरा मामला नागपुर ग्रामीण पुलिस दल से जुड़ा है, जहां मनोहर इंगले नायक पुलिस सिपाही के पद पर काम कर रहे थे। 5 मार्च 2007 को उनका निधन हो गया था। पति की मौत के बाद उनकी पत्नी पुष्पा इंगले ने अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन दिया था। इस पर पुलिस विभाग ने 19 जुलाई 2008 को पुष्पा का नाम प्रतीक्षा सूची में डाल दिया था।
लेकिन लंबा वक्त गुजरने के बावजूद पुष्पा को नौकरी नहीं मिल पाई। इसी दौरान वे अनुकंपा नियुक्ति के लिए तय आयु सीमा पार कर चुकी थीं, जिसके चलते उन्हें इसके लिए अयोग्य मान लिया गया और उनका नाम प्रतीक्षा सूची से हटा दिया गया।
पुष्पा का नाम हटने के बाद परिवार ने उनकी बेटी दीक्षा का नाम अनुकंपा नियुक्ति की सूची में शामिल कराने की कोशिश की। लेकिन पुलिस विभाग ने यह कहकर 14 जनवरी 2026 को दीक्षा का आवेदन खारिज कर दिया कि सरकार की नीति में दूसरे वारिस का नाम प्रतीक्षा सूची में डालने का कोई प्रावधान ही नहीं है।
पुलिस विभाग के इस फैसले के खिलाफ पुष्पा और बेटी दीक्षा ने मैट की नागपुर खंडपीठ में याचिका दाखिल की। इस याचिका पर सुनवाई प्रशासनिक सदस्य नितिन गदरे के सामने हुई।
सुनवाई में न्यायाधिकरण ने पुलिस विभाग के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दीक्षा का आवेदन खारिज किया गया था। साथ ही मैट ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को साफ निर्देश दिया कि तीन महीने के भीतर दीक्षा का नाम अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में शामिल किया जाए।
इस आदेश के बाद लंबे अरसे से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे इंगले परिवार को राहत मिली है। इस मामले में आवेदक की तरफ से पैरवी वकील अरविंद वाघमारे ने की।