तुलसी का पौधा बार-बार सूख रहा है? पानी, मिट्टी और गमले का रखें ध्यान
बागवानी के जानकारों के मुताबिक तुलसी को सर्दी, ज्यादा पानी और गलत मिट्टी से बचाकर सालभर हरी-भरी रखा जा सकता है।
तुलसी का पौधा लगभग हर घर में मिल जाता है। इसे धार्मिक तौर पर अहम माना जाता है और माना जाता है कि इसकी पत्तियां सेहत के लिए फायदेमंद हैं। इसी वजह से लोग घर में तुलसी लगाना पसंद करते हैं। लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनका तुलसी का पौधा बार-बार मुरझा जाता है या बढ़ता ही नहीं।
बागवानी के जानकारों के मुताबिक तुलसी गर्म मौसम में अच्छी बढ़ती है। गर्मियों में उसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन सर्दियों में ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। खास तौर पर अक्टूबर और नवंबर के बाद पौधे को ठंडी हवा, ओस और सीधी बारिश से बचाना जरूरी है। अगर आप चाहते हैं कि तुलसी सालभर हरी-भरी रहे, तो उसे बहुत ज्यादा ठंड से बचाइए। सर्दियों की शाम को पौधे को ढककर रखें।
पानी के बारे में बात करें तो तुलसी को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। पौधे को रोज पानी न दें। पानी डालने से पहले हमेशा मिट्टी को छूकर देख लें। मिट्टी पूरी तरह सूखी लगे, तभी पानी दें। ज्यादा पानी देने से पौधा मुरझा सकता है।
मिट्टी भी सही होनी चाहिए। तुलसी की मिट्टी बहुत भुरभुरी नहीं होनी चाहिए। अगर मिट्टी बहुत भुरभुरी लगे या उसमें आसानी से दरारें पड़ जाती हों, तो उसमें थोड़ा कंपोस्ट, गोबर की खाद और रेत मिला दें। जब मिट्टी में पानी का अच्छा निकास होता है, तो जड़ें अच्छी फैलती हैं और पौधा हरा-भरा और घना रहता है।
गमले के बारे में जानकारों का कहना है कि तुलसी को कभी छोटे गमले में नहीं लगाना चाहिए। उसे हमेशा बड़े गमले में, मिट्टी से भरकर लगाएं। बड़े गमले में तुलसी अच्छी फैलती और बढ़ती है।
पौधे को घना बनाने के लिए जानकार समय-समय पर मिट्टी को सावधानी से खोदकर ढीला करने की सलाह देते हैं। इससे पानी आसानी से जड़ों तक पहुंचता है और मिट्टी में हवा का आना-जाना बना रहता है। इसके अलावा पौधे की नियमित छंटाई करें। इससे नई शाखाएं फूटती हैं और पौधा और घना होता है। तुलसी पर जो भी कली दिखे, उसे तुरंत तोड़ दें, इससे पौधे की बढ़त को बढ़ावा मिलता है।
इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप तुलसी को सूखने से बचा सकते हैं और उसे ज्यादा घना बना सकते हैं।