टिटवाळा: सड़क के भराव से नाले का बहाव रुका, इंदिरा नगर के घरों-दुकानों में घुसा गंदा पानी, मनसे आक्रामक
कल्याण के पास टिटवाळा के इंदिरा नगर में नाले का पानी रस्ते पर बहकर सीधे घरों और दुकानों में घुस रहा है, मनसे ने केडीएमसी को आंदोलन की चेतावनी दी
कल्याण के पास मांडा-टिटवाळा इलाके के नांदप रोड पर स्थित इंदिरा नगर में नाले के पानी को लेकर गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। स्थानिक लोगों का आरोप है कि सड़क के काम के दौरान डाले गए भराव की वजह से नाले का नैसर्गिक बहाव रुक गया है। इसी के चलते नाले का गंदा पानी सड़क पर बहते हुए सीधे लोगों के घरों और दुकानों में घुस रहा है, जिससे रहने वालों और दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इलाके के लोगों का कहना है कि नाले का पानी बहकर जाने का रास्ता बंद हो जाने से यह सड़क पर जमा होने लगता है। पानी की निकासी ठीक से न होने के कारण यह दूषित पानी आसपास के घरों और दुकानों में घुस जाता है। इससे घर का सामान, दुकानों में रखा माल और बाकी चीजें खराब हो गई हैं। स्थानिक निवासी मंगेश कचरे के घर और दुकान में भी नाले का पानी घुसने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। गंदा और बदबूदार पानी घर में घुसने से जहां आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्थानिक लोगों के मुताबिक, इलाके में हुए सड़क के काम के दौरान डाले गए भराव से नाले के पानी का बहाव बाधित हुआ है। पहले नाले से होकर बहने वाला पानी अब सीधे सड़क पर आने लगा है, ऐसा उनका आरोप है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि सड़क का काम करते समय बारिश और सांडपाणी का सही नियोजन किया गया था या नहीं, नाले के बहाव का ध्यान रखा गया था या नहीं, और पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
यह मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एडवोकेट अविनाश पांडुरंग शिळकंदे और दिलीप राठोड ने इंदिरा नगर इलाके में जाकर हालात का जायजा लिया। नाले का पानी सड़क पर किस तरह आ रहा है और इससे स्थानिक लोगों के घरों तथा दुकानों को कितना नुकसान हो रहा है, इसकी जानकारी उन्होंने ली। इसके बाद मनसे के पदाधिकारियों ने संबंधित महापालिका अधिकारियों से बातचीत की और मांग की कि सड़क के काम की वजह से नाले का बहाव रुका है तो उसे तुरंत पहले जैसा किया जाए।
मनसे की मांग है कि सिर्फ अस्थायी तौर पर पानी निकालकर मामला निपटाने के बजाय नाले का बहाव पूरी तरह खुला कर पानी की सही निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। नाले का पानी दोबारा सड़क पर न आए और लोगों के घरों-दुकानों में न घुसे, इसके लिए केडीएमसी प्रशासन तुरंत जरूरी काम शुरू करे, यह मांग भी रखी गई है।
मनसे पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब लोगों के घरों और दुकानों में नाले का गंदा पानी घुस रहा है, तो प्रशासन आखिर कब तक चुप बैठा रहेगा। उनका कहना है कि अगर विकास के काम करते समय लोगों को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो उस काम के नियोजन और उसके लिए जिम्मेदार सिस्टम की जवाबदेही तय करनी जरूरी है।
बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का स्थायी हल नहीं निकल पाने का आरोप भी लगाया गया है। इसी वजह से मनसे ने अब महापालिका प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। एडवोकेट अविनाश शिळकंदे और दिलीप राठोड ने कहा है कि इंदिरा नगर इलाके में नाले का बहाव तुरंत खोलकर लोगों को राहत दी जाए, और अगर समस्या जल्द से जल्द नहीं सुलझाई गई तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इस पूरे मामले से इंदिरा नगर में नाले की सफाई, सड़क के काम के नियोजन और पानी की निकासी व्यवस्था को लेकर केडीएमसी के कामकाज पर सवाल उठे हैं। अब महापालिका प्रशासन इस समस्या पर क्या कदम उठाता है और लोगों को कब राहत मिलती है, इस पर स्थानिक लोगों की नजर है।