मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:31 IST

ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में १ अक्टूबर से फिर शुरू होगी जंगल सफारी, बुकिंग को जबरदस्त रिस्पॉन्स

बारिश के बाद हरियाली से भरे ताडोबा में सफारी फिर से शुरू होने वाली है, नवंबर-दिसंबर तक की बुकिंग पहले ही भर चुकी है।

ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में १ अक्टूबर से फिर शुरू होगी जंगल सफारी, बुकिंग को जबरदस्त रिस्पॉन्स
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर में बारिश के मौसम की वजह से बंद पड़ी ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प की पर्यटन सफारी अब १ अक्टूबर से दोबारा शुरू होने जा रही है। इस बार जंगल प्रेमियों, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और घूमने आने वालों को बारिश के बाद हरा-भरा हो चुका ताडोबा का नया रूप देखने को मिलेगा। सफारी शुरू होने से पहले ही टूरिस्टों में जबरदस्त उत्सुकता है, और नवंबर-दिसंबर तक के कई सफारी स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं।

दरअसल बारिश के सीजन में जंगल के कोअर एरिया में टूरिज्म बंद रखा जाता है, ताकि नेचुरल इकोसिस्टम की सुरक्षा हो सके, वन्यजीवों के ब्रीडिंग का टाइम सही रहे और वन विभाग के मैनेजमेंट के काम भी हो सकें। इतने दिनों के ब्रेक के बाद अब जंगल फिर से पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। बारिश से ताडोबा के घास के मैदानों, पानी के स्रोतों, बांस के झुरमुटों और पेड़-पौधों को नई जान मिली है, इसलिए इस बार के टूरिज्म सीजन में लोगों को ताडोबा का हरा-भरा और खूबसूरत नजारा देखने मिलेगा। सफारी के एंट्री गेट से टूरिस्ट जंगल घूम सकते हैं। ताडोबा इलाके में बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते, सांभर, चीतल, गौर और कई तरह के पक्षी और दूसरे वन्यजीव भी मिलते हैं।

बारिश के बाद जंगल के तालाबों, पानवठों और घास के मैदानों में वन्यजीवों की मूवमेंट बढ़ जाती है। इसी वजह से अक्टूबर से शुरू हो रहा यह टूरिज्म सीजन वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। बाघ के दर्शन के साथ-साथ टूरिस्टों को ताडोबा की समृद्ध बायोडायवर्सिटी एक्सपीरियंस करने का मौका मिलेगा। सफारी के लिए टूरिस्टों का रिस्पॉन्स काफी अच्छा मिल रहा है, और आने वाले नवंबर-दिसंबर महीनों की बुकिंग को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इससे टूरिज्म बिजनेस से जुड़े होटल, रिजॉर्ट, ड्राइवर, गाइड और लोकल कारोबारियों में भी उत्साह का माहौल है।

ताडोबा में कुल २२ सफारी गेट हैं, जिनमें से बफर में १६ और कोअर जोन में ६ सफारी गेट हैं। ताडोबा की टूरिज्म व्यवस्था में मोहर्ली, कोलारा, खुटवंडा, नवेगाव, पांगडी और झरी जैसे मुख्य कोअर एंट्री गेट शामिल हैं। वहीं बफर एरिया में मोहर्ली, कोलारा, नवेगाव और पांगडी-झरी इलाके के अलग-अलग गेट से भी टूरिस्ट सफारी का मजा ले सकते हैं।

ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के प्रकल्प संचालक डॉ. प्रभूनाथ शुक्ला ने बताया कि १ अक्टूबर से सफारी दोबारा शुरू हो रही है और सफारी के दौरान वन विभाग के तय नियम, समय और गाइड की हिदायतों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टूरिस्टों को सेफ और नेचर-फ्रेंडली एक्सपीरियंस देना वन विभाग का मुख्य मकसद है। इस साल विदेशी टूरिस्टों को सहूलियत देने के लिए २० गाइडों को जर्मन और २० गाइडों को फ्रेंच भाषा की ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सफारी बुक करने के लिए वन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट से ही बुकिंग करनी चाहिए।

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