मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:47 IST

सुमीत राघवन के मुंबई वाले घर में संविधान के लिए अलग कॉर्नर, दो फ्लैट जोड़कर बनाया आशियाना

मराठी के जाने माने एक्टर सुमीत राघवन के मुंबई वाले घर का वीडियो सामने आया, जिसमें दो फ्लैट जोड़कर बनाए गए इस घर में संविधान के लिए खास जगह और लकड़ी का देव्हारा देखने को मिला।

सुमीत राघवन के मुंबई वाले घर में संविधान के लिए अलग कॉर्नर, दो फ्लैट जोड़कर बनाया आशियाना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

साराभाई एंड फैमिली से लेकर मराठी नाटकों तक अपने अभिनय से लोगों के दिल में जगह बनाने वाले एक्टर सुमीत राघवन का असली घर भी उतना ही सादा और अपनापन लिए हुए है, जितना पर्दे पर उनका किरदार दिखता है। हाल ही में उनके मुंबई वाले घर का एक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर लोग काफी इंप्रेस हुए हैं। मुंबई में जगह की कमी सबको पता है, लेकिन कम जगह में भी घर को कैसे सुंदर और सुकून भरा रखा जा सकता है, यह सुमीत के घर से सीखा जा सकता है।

सुमीत ने मुंबई में दो छोटे फ्लैट आपस में जोड़कर एक बड़ा घर तैयार किया है। इस वजह से घर में खुलापन महसूस होता है और भीड़भाड़ का अहसास बिल्कुल नहीं होता। आमतौर पर लोग बड़ा घर लेकर उसे तरह-तरह की महंगी चीजों से भर देते हैं, लेकिन सुमीत ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने हर कोने को सोच-समझकर सजाया है। घर में घुसते ही मन शांत और खुशनुमा हो जाता है। कहीं भी कोई दिखावा या चमक-दमक नहीं है, बस अपनापन है।

इस घर में सबसे ज्यादा जो चीज नजर आती है, वह है सादगी। दीवारों पर भड़कीले रंगों की जगह सफेद और ऑफ व्हाइट जैसे शांत रंग इस्तेमाल किए गए हैं। फर्नीचर भी बहुत सीमित रखा गया है, जिससे घर सजा हुआ भी लगता है और बड़ा-खुला भी महसूस होता है। हर चीज की अपनी एक तय जगह होने की वजह से कहीं भी सामान का ढेर या अव्यवस्था नजर नहीं आती। सुमीत ने घर को इस तरह सजाया है कि वह सिर्फ खूबसूरत ही न लगे, बल्कि उसमें रहने वाले लोगों का मन भी झलके।

इस घर की सबसे अलग और अहम बात यह है कि यहां भारतीय संविधान के लिए एक खास जगह बनाई गई है। आजकल लोग घर में टीवी, गेमिंग जोन या बार जैसी चीजें बनवाते हैं, लेकिन सुमीत ने अपने घर में संविधान के लिए यह खास कॉर्नर तैयार किया है, जहां संविधान की एक प्रति और कुछ किताबें रखी हुई हैं। यह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि उनकी सोच का प्रतीक है। इससे पता चलता है कि वे संविधान को कितना सम्मान देते हैं। घर में इस तरह का कॉर्नर बनाने का आइडिया वाकई खास है। इससे यह भी जाहिर होता है कि घर सिर्फ खूबसूरत सामान से नहीं, बल्कि अच्छे विचारों से भी सुंदर बनता है।

घर में ज्यादातर हल्के और सादे रंग इस्तेमाल हुए हैं, लेकिन बीच-बीच में पीले रंग का टच भी दिया गया है, कहीं एक कुशन, कहीं कोई लैंप तो कहीं पीले रंग की एक कुर्सी। इस वजह से घर में एक ताजगी और खुशनुमा एहसास बना रहता है। सादे रंगों के बीच यह पीला रंग खासतौर पर उभरकर दिखता है। घर का पूरा फर्नीचर लकड़ी का है, जिससे घर में एक गर्माहट सी महसूस होती है और वह अपना-अपना सा लगता है। टेबल, अलमारी, कुर्सियां, सब कुछ लकड़ी का है और डिजाइन में भी काफी सादगी रखी गई है।

जिस तरह संविधान के लिए अलग कॉर्नर है, उसी तरह भगवान के लिए भी लकड़ी का एक सुंदर देव्हारा बनाया गया है, जिसे खाने की जगह के पास रखा गया है। सुमीत राघवन खुद बता चुके हैं कि उनके घर में भगवान को काफी मान दिया जाता है और सारे त्योहार घर में साथ मिलकर मनाए जाते हैं। इसी वजह से यह देव्हारा सिर्फ सजावट की चीज नहीं, बल्कि उनकी आस्था का हिस्सा भी है। कुल मिलाकर सुमीत राघवन का यह घर देखकर यही समझ आता है कि घर बड़ा होने से ज्यादा जरूरी उसमें रहने वालों का मन बड़ा होना है। कम सामान में भी घर को कैसे खूबसूरत और अच्छी सोच से भरपूर रखा जा सकता है, इसकी यह एक बेहतरीन मिसाल है।

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