सूखाग्रस्त भागों का तुरंत सर्वेक्षण होगा, नियमानुसार मिलेगा मुआवजा: बावनकुळे
महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारिश की कमी से खराब हुई फसलों वाले इलाकों का तुरंत सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के जिन इलाकों में बारिश ने धोखा दिया और फसलें खराब हो गईं, वहां तुरंत सर्वेक्षण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन और मुख्य सचिव को इस बारे में साफ निर्देश दिए हैं। यह जानकारी महसूल मंत्री और नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने मीडिया से बातचीत में दी।
बावनकुळे नागपुर के साथ-साथ अमरावती जिले के भी पालक मंत्री हैं। उन्होंने बताया कि कल हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। जहां-जहां बारिश की कमी से फसलें सूख गई हैं, उन इलाकों का महसूल, कृषि और ग्रामविकास विभाग मिलकर सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नियमों के मुताबिक तय मदद किसानों को दी जाएगी, यह उन्होंने साफ किया।
अमरावती के अस्पताल में हुई घटना को लेकर बावनकुळे ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई अभी रुकेगी नहीं। सरकार ने जांच के लिए दस सदस्यों की एक समिति बनाई थी, जिसकी रिपोर्ट अब आ गई है। शुरुआती जांच के बाद संबंधित लोगों को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस घटना की जड़ तक जाकर गहराई से जांच की जा रही है। आगे ऐसी घटनाओं में मासूम जानें न जाएं, इसके लिए समिति की सिफारिशों को महाराष्ट्र के सभी अस्पतालों में असरदार तरीके से लागू करना होगा। खासकर नवजात बच्चों के लिए बने केंद्रों और वहां की व्यवस्था को और आधुनिक और मजबूत बनाने की योजना सरकार बना रही है।
हाईकोर्ट की टिप्पणियों को लेकर पूछे गए सवाल पर बावनकुळे ने कहा कि कोर्ट के सवालों का जवाब पुलिस देगी। पुलिस ने सारी बातों की जांच करके रिपोर्ट तैयार की है और हाईकोर्ट की टिप्पणियों के मुताबिक पुलिस अपना पक्ष रखेगी। उनके मुताबिक इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हुई है और दो लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने पर भी सरकार विचार कर रही है। सरकारी जमीन को लेकर भी सरकार गंभीर है, आगे से कोई भी सरकारी जमीन किसी के हाथ न लगे, इसके लिए ठोस कदम उठाने पर सरकार सोच रही है।
मराठवाड़ा में जाति प्रमाणपत्र बांटने के लिए लगाए जा रहे शिविरों पर बावनकुळे ने बताया कि पहले भी ऐसे शिविर लगाए जा चुके हैं और सरकार ने पहल करते हुए जाति प्रमाणपत्र बांटे हैं। मौजूदा नियमों के हिसाब से शिविर लगाकर प्रमाणपत्र बांटना सरकार की नीति ही है। ओबीसी महासंघ की मांग के बारे में उन्होंने कहा कि यह मांग अभी तक उनके पास नहीं आई है, आने के बाद उसे ओबीसी समिति के सामने रखा जाएगा।
शक्तिपीठ महामार्ग के खर्च को लेकर विधायक रोहित पवार के आरोपों का जवाब देते हुए बावनकुळे ने कहा कि नेशनल हाईवे बनाते समय सिर्फ ऊपर की परत डालने से काम नहीं चलता, नई सड़क के लिए मिट्टी, मुरुम और बाकी सारा काम नीचे से करना पड़ता है। हर सड़क का स्टैंडर्ड और काम का तरीका अलग होता है, इसलिए उनकी दरें और अंदाजपत्रक भी अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि यह बात रोहित पवार को भी पता है, फिर भी समाज में नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। शक्तिपीठ महामार्ग जब बनेगा तो नीचे से ऊपर तक पूरी तरह नए सिरे से बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी सतर्कता के साथ सरकार और जनता का पैसा बर्बाद न हो, इसका ख्याल रखते हुए अंदाजपत्रक और प्रेजेंटेशन तैयार किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस प्रोजेक्ट में आगे किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं होगा और भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान में महानगरपालिका चुनावों पर बावनकुळे ने कहा कि वहां दस महानगरपालिकाओं के चुनाव थे, जहां उन्होंने प्रभारी के तौर पर काम किया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की सभी दस महानगरपालिकाओं में जीत मिलेगी। उनका कहना था कि नगर पंचायत और नगरपालिका चुनावों में अब तक जितनी सफलता मिली है, उससे बड़ी जीत 14 तारीख को देखने को मिलेगी।