शिवभोजन केंद्रों पर CCTV जरूरी, नियम तोड़ने पर 5 हजार रुपये तक जुर्माना
राज्य सरकार ने शिवभोजन योजना के लिए नई नियमावली जारी की है, जिसमें CCTV, समय, थाली की संख्या और कार्रवाई के नियम तय किए गए हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने शिवभोजन योजना में बड़े बदलाव किए हैं। यह योजना राज्य के गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को रियायती दाम पर खाना देती है। योजना में गड़बड़ियां रोकने और केंद्रों के कामकाज को साफ-सुथरा बनाने के लिए अन्न, नागरी पुरवठा और ग्राहक संरक्षण विभाग ने नई और व्यापक नियमावली जारी की है।
नए नियमों के तहत हर शिवभोजन केंद्र पर CCTV लगाना जरूरी कर दिया गया है। खाना बांटने के वक्त का कम से कम 90 दिन का CCTV फुटेज संभालकर रखना होगा। जांच के दौरान अफसर फुटेज मांगें तो उसे देने की जिम्मेदारी केंद्र चलाने वाले की होगी।
थाली की कीमत लाभार्थियों के लिए 10 रुपये ही रहेगी। मिली जानकारी के मुताबिक शहरी इलाकों में थाली की कीमत 50 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 35 रुपये तय की गई है। बाकी रकम सरकार अनुदान के रूप में देगी। हाल की जिला स्तर की जानकारी के मुताबिक लोगों को 10 रुपये में दो रोटी, सब्जी, दाल और चावल दिया जाता है।
केंद्रों का समय भी तय कर दिया गया है। केंद्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रखने होंगे। हर केंद्र पर रोज कम से कम 75 और ज्यादा से ज्यादा 200 थालियां बांटने का प्रावधान है। साथ ही एक बार में कम से कम 25 लोगों के बैठने की व्यवस्था होना जरूरी है।
दिव्यांग लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आई महिलाओं को लाइन में ज्यादा देर खड़ा न रहना पड़े, इसलिए उन्हें पहले खाना देने का प्रावधान किया गया है।
शिवभोजन केंद्र का खाना बाहर पार्सल में ले जाने पर रोक लगा दी गई है। केंद्र में बाहर का खाना लाने की भी मनाही है। सरकारी कर्मचारी और संबंधित संस्था के कर्मचारी इस रियायती थाली का फायदा नहीं ले सकेंगे।
नियम तोड़ने पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र वक्त पर न खोलना या सफाई के नियम न मानना जैसी छोटी गलतियों पर कारण बताओ नोटिस दिया जा सकता है। CCTV बंद रखना या बिना पहले बताए केंद्र बंद रखना जैसे गंभीर मामलों में जुर्माने की कार्रवाई का प्रावधान है।
वहीं बासी या खराब क्वालिटी का खाना देना, या एक ही फोटो दोबारा अपलोड करना जैसी बेहद गंभीर गड़बड़ी मिलने पर केंद्र की मंजूरी रद्द करने का प्रावधान है। इसलिए अब शिवभोजन केंद्र चलाने वालों पर नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।