SEBI का प्रस्ताव: शेयर बाजार की क्लोजिंग टाइमिंग बदलने पर दो विकल्प, सुझाव मंगाए
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजार की आखिरी ट्रेडिंग टाइमिंग और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बदलाव को लेकर दो विकल्प रखे हैं, जिन पर 3 अक्टूबर 2026 तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं।
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अगर आप भी शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। ट्रेडिंग की टाइमिंग में बदलाव को लेकर SEBI ने एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। SEBI ने बाजार बंद होने की टाइमिंग और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बदलाव का सुझाव दिया है। इसके लिए बाजार बंद होने का समय और इक्विटी डेरिवेटिव्ज यानी F&O की ट्रेडिंग विंडो को लेकर दो अलग-अलग ऑप्शन पेश किए गए हैं।
SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और इक्विटी डेरिवेटिव्ज मार्केट के लिए दो विकल्प रखे हैं। पहले ऑप्शन यानी ऑप्शन A के मुताबिक, कैश मार्केट में सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक चलती रहेगी। इसके बाद क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:31 से 3:40 बजे तक होगा। फ्यूचर्स और ऑप्शंस यानी F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रह सकती है। यह ऑप्शन मौजूदा ट्रेडिंग टाइमिंग के मुकाबले क्लोजिंग की पूरी प्रोसेस में फेरबदल करेगा।
दूसरे ऑप्शन यानी ऑप्शन B में सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे खत्म करने का प्रस्ताव है। उसके बाद क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 से 3:25 बजे तक चलेगा। मगर F&O मार्केट अपनी मौजूदा टाइमिंग के हिसाब से दोपहर 3:30 बजे ही बंद होगा। यानी इस ऑप्शन में सामान्य कैश मार्केट की ट्रेडिंग सबसे पहले बंद होगी।
SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने से पहले का समय भी कम करने का प्रस्ताव रखा है। अभी यह टाइम 5 मिनट का है, जिसे 1 मिनट तक घटाने की बात कही गई है। इसके अलावा, लिलाव यानी ऑक्शन खत्म होने के बाद इक्विटी डेरिवेटिव्ज के लिए मिलने वाली एक्सटेंडेड ट्रेडिंग विंडो को भी 10 मिनट से घटाकर 5 मिनट करने का सुझाव दिया गया है।
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि SEBI ने अभी सिर्फ अपना प्रस्ताव रखा है और लोगों से इस पर राय मांगी है। इसका मतलब यह हुआ कि शेयर बाजार अभी अपनी मौजूदा ट्रेडिंग टाइमिंग के हिसाब से ही चलता रहेगा। SEBI ने इस सलाहपत्र यानी कंसल्टेशन पेपर पर 3 अक्टूबर 2026 तक जनता से सुझाव और फीडबैक मांगे हैं। इसके बाद मिलने वाले जवाबों के आधार पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।