मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:59 IST

सावनेर के मूकबधिर स्कूल में जीवन साधना, जीवन गौरव व दिव्यांग सम्मान पुरस्कार बांटे गए

संस्था के स्थापना दिवस पर कई गणमान्य नागरिकों और परिवारों को उनके काम के लिए सम्मानित किया गया।

सावनेर के मूकबधिर स्कूल में जीवन साधना, जीवन गौरव व दिव्यांग सम्मान पुरस्कार बांटे गए
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सावनेर के मूकबधिर निवासी स्कूल में संस्था और स्कूल के स्थापना दिवस पर इस बार पुरस्कार वितरण समारोह बड़े उत्साह से हुआ। यह स्कूल रामनगर, नागपुर की श्री मंगल बहुउद्देशीय शिक्षण, तांत्रिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था चलाती है। समारोह में जीवन साधना पुरस्कार, जीवन गौरव पुरस्कार और दिव्यांग सम्मान पुरस्कार दिए गए, और इलाके के कई गणमान्य लोगों के साथ विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुकुंद सरमुकद्दम और श्रीमती शैला सरमुकद्दम पहुंचे। उनके साथ संस्था के अध्यक्ष प्रशांतराव डवले, सचिव नारायणराव समर्थ, संयुक्त सचिव डॉ. अमित चेडे, कोषाध्यक्ष निखिल समर्थ, प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती मंगलाताई समर्थ, मुख्याध्यापिका श्रीमती सुवर्णा महाशब्दे और श्रीमती श्वेताताई समर्थ भी मंच पर मौजूद थे।

समारोह की शुरुआत अतिथियों ने दीप जलाकर की। इसके बाद स्कूल की ओर से मुख्य अतिथियों को फूलों का गुच्छा और स्मृतिचिह्न देकर उनका स्वागत किया गया।

इसी दौरान श्री द्वारकादास कटकोरिया और श्रीमती हर्षा कटकोरिया को उनके काम के लिए जीवन साधना पुरस्कार दिया गया। सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए श्रीमती अनुराधा विनय कुर्हेकर को जीवन गौरव सम्मान से नवाजा गया।

अक्षय प्रकाश इंजेवार की याद में डॉ. गोविंदराव समर्थ स्मृति दिव्यांग सम्मान पुरस्कार दिया गया। अक्षय ने कठिन हालात के बावजूद जिद और मेहनत के दम पर उच्च शिक्षा हासिल की थी। इसके अलावा स्वर्गीय रुक्मिणीबाई गोविंदराव समर्थ स्मृति दिव्यांग सम्मान अवॉर्ड से भी एक व्यक्ति को सम्मानित किया गया।

अपने भाषण में मुकुंद सरमुकद्दम ने सभी पुरस्कार विजेताओं के काम और उनकी मेहनत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जीवन गौरव जैसे पुरस्कार सिर्फ सम्मान भर नहीं हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणा हैं।

हर पुरस्कार विजेता को शॉल, श्रीफल, प्रशस्तिपत्र, स्मृतिचिह्न और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार लेने वालों ने अपनी बात रखते हुए संस्था और स्कूल के काम की सराहना की और सम्मान के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस सम्मान से उन्हें आगे और अच्छा काम करने का हौसला मिला है।

इस मौके पर श्री द्वारकादास कटकोरिया और उनके परिवार की तरफ से संस्था के सचिव नारायणराव समर्थ और प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती मंगलाताई समर्थ को भी प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।

पूरे कार्यक्रम का संचालन संजय लुंगे ने किया। संस्था के सचिव नारायणराव समर्थ ने प्रास्ताविक भाषण दिया, जबकि मुख्याध्यापिका श्रीमती सुवर्णा महाशब्दे ने आए हुए सभी अतिथियों और नागरिकों का आभार जताया। पुरस्कार विजेताओं का परिचय स्कूल की स्पीच एक्सपर्ट श्रीमती दुर्गा चेडे ने कराया।

कार्यक्रम में पुरस्कार विजेताओं के परिवार वालों के साथ-साथ बड़ी तादाद में इलाके के लोग, वरिष्ठ नागरिक संघ के सदस्य, विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह खत्म हुआ, जिसके बाद सभी ने साथ बैठकर स्नेहभोज का लुत्फ उठाया। इस पूरे आयोजन को कामयाब बनाने में स्कूल के सभी शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भी हाथ बंटाया, और पूरे कार्यक्रम में उत्साह और सम्मान का माहौल बना रहा।

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