सावनेर के जैतपुर में बाइक फिसलने से युवक की मौत, खराब सड़क पर तीन घंटे रास्ता रोको
जैतपुर गांव को हाईवे से जोड़ने वाली डेढ़ किलोमीटर सड़क का काम अधूरा छोड़े जाने से नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
सावनेर तालुका के केलवद पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले जैतपुर गांव में एक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गुस्से में ला दिया। हादसे में 22 साल के एक युवक की जान चली गई, और इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को करीब तीन घंटे तक सड़क पर ही रखकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल और अधूरी हालत ही इस हादसे की असली वजह है।
मृतक की पहचान विकास कांताराम घुगल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, विकास सुबह करीब 8 बजे मोटरसाइकिल क्रमांक MH 31 V 5763 से जा रहा था, तभी बाइक फिसल गई और वह हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की खबर मिलते ही हितज्योति आधार फाउंडेशन के हितेश बंसोड़ तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसकी सूचना केलवद पुलिस स्टेशन के प्रभारी आशीष सिंह ठाकुर को दी, जिसके बाद पुलिस भी हरकत में आई।
ग्रामीणों के मुताबिक, जैतपुर गांव को हाईवे से जोड़ने वाली करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क पिछले कई सालों से जर्जर हालत में पड़ी है। कुछ दिन पहले इस सड़क पर काम भी शुरू हुआ था, लेकिन बीच में ही उसे अधूरा छोड़ दिया गया। गांव वालों का आरोप है कि इसी अधूरे और खराब निर्माण के चलते यहां हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
विकास की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन से सीधे सवाल पूछने शुरू कर दिए कि सड़क का काम बीच में क्यों रोका गया, निर्माण में इतनी देरी क्यों हो रही है, और सड़क की क्वालिटी को लेकर लापरवाही क्यों बरती जा रही है। इसके साथ ही स्थानीय ग्राम पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठे।
नाराज ग्रामीणों ने विकास का शव सड़क पर ही रख दिया और साफ कह दिया कि जब तक प्रशासन मौके पर आकर सड़क निर्माण को लेकर पक्का आश्वासन नहीं देता, तब तक शव नहीं हटाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि एक 22 साल के लड़के की जान जा चुकी है और अब प्रशासन को किसी और हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। उनकी मांग थी कि संबंधित विभाग तुरंत सड़क का काम पूरा कराए और निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करे।
सूचना मिलते ही उपविभागीय पुलिस अधिकारी सागर खर्डे और केलवद थाना प्रभारी आशीष सिंह ठाकुर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी बातचीत करके उन्हें शांत करने की कोशिश की। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, मृतक के परिवार को तुरंत मुआवजा और सड़क निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग रखी।
करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने पर आखिरकार शव को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सावनेर भेजा गया। इस मामले की आगे की जांच केलवद पुलिस कर रही है।