सावंत परिवार में मिटी दूरी, तानाजीराव सावंत ने शिवाजीराव सावंत के परिवार से की मुलाकात
सावंत परिवार में पिछले कुछ दिनों से चल रही दूरी खत्म होती दिख रही है। गलतफहमियां दूर होने की बात सामने आई है।
सावंत परिवार में पिछले कुछ दिनों से जो दूरी बनी हुई थी और जिसकी खूब चर्चा हो रही थी, वह अब खत्म होती दिख रही है। राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विधायक प्रा. तानाजीराव सावंत और वरिष्ठ नेता प्रा. शिवाजीराव सावंत के परिवार के बीच की गलतफहमियां दूर हो गई हैं। जानकारी सामने आई है कि दोनों तरफ के रिश्तों में फिर से मेल हो गया है।
इसकी जानकारी जि. प. सदस्य पृथ्वीराज सावंत ने फेसबुक पर पोस्ट करके दी। उन्होंने लिखा है कि सारी गलतफहमियां दूर हो गई हैं।
इसी सिलसिले में तानाजीराव सावंत ने प्रा. शिवाजीराव सावंत के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस मौके पर एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब उन्होंने प्यार से आशीर्वाद दिया। खास तौर पर तानाजीराव सावंत ने दोनों भाइयों के कंधों पर आशीर्वाद का हाथ रखा, और यही इस मुलाकात का सबसे भावुक क्षण रहा। इस मुलाकात के बाद पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है।
इस मुलाकात से संदेश दिया गया कि परिवार के रिश्ते किसी भी मतभेद से बड़े होते हैं। इस घटनाक्रम को सिर्फ परिवार के नजरिए से नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी देखा जा रहा है। फिर भी इससे साफ होता है कि परिवार के भीतर के मतभेदों से ज्यादा अहमियत आपसी रिश्तों और पारिवारिक मेल को दी गई है।
सावंत परिवार शिक्षा और सहकार क्षेत्र में लंबे समय से जुड़ा रहा है, इसलिए परिवार की एकजुटता का खास महत्व है। बीते कुछ दिनों की दूरी की वजह से तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब परिवार के स्तर पर बातचीत और मेल फिर से कायम होने से इन चर्चाओं ने अलग मोड़ ले लिया है।
राजनीति में मतभेद और अलग-अलग भूमिकाएं हो सकती हैं, लेकिन इसका असर पारिवारिक रिश्तों पर नहीं पड़ना चाहिए, यह बात इस घटनाक्रम से उभरकर सामने आ रही है। इस मौके पर पक्के भरोसे के साथ कहा गया, "हम साथ थे, साथ हैं और हमेशा साथ रहेंगे।"
अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि सावंत परिवार का यह मेल आने वाले समय की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर कितना असर डालता है।