सातारा के खिलाड़ियों का सम्मान, एशियाई खेलों के पदक विजेताओं की भव्य गौरव रैली; साहिल, ऋतुजा और सुदेष्णा का
नागोया के 20वें एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले सातारा के खिलाड़ियों के लिए गौरव रैली और सत्कार समारोह हुआ।
सातारा जिले के खिलाड़ियों ने जापान के नागोया में हुए 20वें एशियाई खेलों में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। इससे सातारा के खेल जगत का मान बढ़ा है। इसी उपलब्धि के लिए सातारा में एक भव्य गौरव रैली निकाली गई और सम्मान समारोह रखा गया।
इन खेलों में साहील जाधव ने आर्चरी के कंपाउंड वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीते। ऋतुजा पिसाळ ने हॉकी में स्वर्ण पदक हासिल किया। सुदेष्णा शिवणकर ने 4x100 मीटर रिले की एथलेटिक्स स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान पाया। यानी जिले के तीन खिलाड़ियों ने तीन अलग-अलग खेलों में सातारा का नाम रोशन किया।
इन सभी होनहार खिलाड़ियों, उनके खेल मार्गदर्शकों और माता-पिता का सम्मान करने के लिए जिला क्रीडा परिषद और जिला क्रीडा अधिकारी कार्यालय, सातारा की तरफ से रैली और सत्कार समारोह का आयोजन किया गया था। यह आयोजन सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि उनके पीछे खड़े लोगों के लिए भी था।
समारोह में जिलाधिकारी संतोष पाटील, मुख्य कार्यकारी अधिकारी याशिनी नागराजन, पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगळे, कोल्हापुर विभाग के क्रीडा और युवक सेवा उपसंचालक सुहास पाटील, शिक्षणाधिकारी श्रीमती शबनम मुजावर और जिला क्रीडा अधिकारी पल्लवी धात्रक मौजूद थे। इनके साथ हजारों की तादाद में नागरिक और विद्यार्थी भी शामिल हुए।
खिलाड़ियों की यह रैली गांधी मैदान, राजवाडा से श्रीमंत छत्रपती शाहू जिला क्रीडा संकुल, सातारा तक बड़े उत्साह के साथ निकली। कार्यक्रम के दौरान मान्यवरों के हाथों साहिल जाधव, ऋतुजा पिसाळ और सुदेष्णा शिवणकर को सन्मानचिन्ह, शाल और बुके देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जिलाधिकारी पाटील ने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक सेहत अच्छी रहती है, इसलिए विद्यार्थियों को जिंदगी में कम से कम एक खेल जरूर खेलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ी और मार्गदर्शक जिले को कामयाबी के ऐसे मौके बार-बार दिलाते रहें।
पुलिस अधीक्षक पिंगळे ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी ए.आई. सब कुछ कर सकती है, लेकिन वह खेल में पदक नहीं दिला सकती। इसलिए विद्यार्थी खेल के प्रति अपना शौक बनाए रखें और उसका पूरा आनंद लें।