संविधान की वजह से सबको आगे बढ़ने का मौका मिला: विधायक किशोर जोरगेवार
विदर्भ बुरुड समाज संघटना की त्रैमासिक सभा में विधायक किशोर जोरगेवार ने संविधान, एकजुटता और शिक्षा पर अपनी बात रखी।
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के दिए संविधान की वजह से हर नागरिक को बराबरी, स्वाभिमान और आगे बढ़ने का हक मिला है। यह बात विधायक किशोर जोरगेवार ने कही। उनके मुताबिक इन्हीं अधिकारों की वजह से समाज के आम आदमी को भी लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने का मौका मिला।
जोरगेवार ने कहा कि आज वे विधायक के तौर पर जनता की नुमाइंदगी कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत बाबासाहेब आंबेडकर का दिया संविधान और उससे मिला बराबरी का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संविधान की वजह से बुरुड समाज के हर व्यक्ति के लिए तरक्की का मौका खुला है।
यह मौका था विदर्भ बुरुड समाज संघटना की केंद्रीय कार्यकारिणी की त्रैमासिक सभा का। सभा रविवार को बुरुड समाज सभागृह में रखी गई थी। जोरगेवार इसमें मौजूद रहे और समाज के लोगों से खुलकर बातचीत की। उन्होंने समाज के अलग-अलग सवालों, लोगों की उम्मीदों और समाज के विकास की राह पर चर्चा की। लोगों की भावनाएं, दिक्कतें और सुझाव सुनकर उनकी अपेक्षाओं पर भी उन्होंने बात की।
कार्यक्रम में विदर्भ बुरुड समाज के अध्यक्ष अॅड. ईश्वर चर्लेवार, महासचिव विवेक चिलवरवार, नागपुर विभाग के उपाध्यक्ष सुरेश पुट्टेवार, अमरावती के उपाध्यक्ष रमाकांत सुलभेवार, संघटक सचिव दिपांजली मंथनवार, निलेश कनकेनवार, स्वाती वडपल्लीवार, राहुल मोहितेवार, राजेश शंग्रपवार, अनुराधा पल्लडवार, मोहित मादेवार, राजेश सुलभेवार और संजय मांजरे मौजूद थे। चंद्रपुर जिला अध्यक्ष गुड्डू चंदेवार, शहर अध्यक्ष सुनील दर्शनवार और पंकज जोरगेवार भी प्रमुख रूप से हाजिर रहे।
जोरगेवार ने कहा कि समाज का विकास अकेले किसी एक आदमी या एक संस्था की कोशिश से नहीं होगा। इसके लिए बुजुर्गों का मार्गदर्शन, नौजवानों की ऊर्जा और सभी समाजबंधुओं की एकजुटता जरूरी है। समाज के हर हिस्से को तरक्की के बराबर मौके देने के लिए मिलकर कोशिश होनी चाहिए। लड़के-लड़कियों को पढ़ाई, रोजगार और अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए हौसला देने के साथ ही समाज के जरूरतमंद लोगों को भी विकास की धारा में लाना होगा।
बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में उन्होंने कहा कि वे सिर्फ एक समाज के नेता नहीं थे। वे पूरे देश को समानता, आजादी, भाईचारे और इंसाफ का रास्ता दिखाने वाले महामानव थे। बेहद मुश्किल हालात में उन्होंने पढ़ाई की, संघर्ष किया और संविधान बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। संविधान के जरिए उन्होंने हर भारतीय को बराबर अधिकार दिए। इसी वजह से आज वंचित, कमजोर और आम तबके का आदमी भी अपनी काबिलियत के दम पर आगे बढ़ सकता है।
जोरगेवार ने कहा कि संविधान की वजह से हमें बराबर अधिकार और इज्जत से जीने का हक मिला है। इन अधिकारों का सही इस्तेमाल करके समाज के विकास में योगदान देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बुरुड समाज से अपील की कि वह शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकजुटता के जरिए विकास की दिशा में आगे बढ़े। सभा में समाज के लोगों ने अपने सवाल, सुझाव और अपेक्षाएं रखीं। बड़ी संख्या में समाजबंधु इसमें शामिल हुए।