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18:01 IST

सांगली शिक्षक बैंक में 5 फीसदी लाभांश तय, कर्जसीमा 20 लाख रुपये तक बढी

रविवार २७ सितंबर को होने वाली ७४वीं वार्षिक सभा में सांगली जिला प्राथमिक शिक्षक सहकारी बैंक ने सदस्यों को कई राहत देने का ऐलान किया है।

सांगली शिक्षक बैंक में 5 फीसदी लाभांश तय, कर्जसीमा 20 लाख रुपये तक बढी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सांगली जिला प्राथमिक शिक्षक सहकारी बैंक की 74वीं वार्षिक आम सभा रविवार, 27 सितंबर को सुबह 10 बजे होने वाली है। इस सभा में बैंक सदस्यों को पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा, यानी 5 फीसदी लाभांश देने का फैसला सुनाया जाएगा। इसके अलावा बैंक की डिपॉजिट अब 600 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। ये जानकारी बैंक के चेयरमैन अशोक घागरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

घागरे ने बताया कि कर्जमर्यादा बढ़ाने, शिक्षण सेवकों को कर्ज देने, आकस्मिक कर्ज की लिमिट पांच लाख रुपये तक बढ़ाने और 'मृतसंजीवनी' योजना में मदद बढ़ाने जैसे कई फैसले सदस्यों के हित में लिए गए हैं। बैंक का मुख्य ऑफिस सांगली में है और यह बैंक लंबे समय से काम कर रही है। 13 दिसंबर 2025 को स्वाभिमानी मंडल ने बैंक का कारभार अपने हाथ में लिया था। चालू आर्थिक साल में असली कामकाज के लिए सिर्फ पांच महीने ही मिले, फिर भी कंजूसी की पॉलिसी अपनाकर सदस्यों को दिया वादा पूरा करने के लिए 5 फीसदी लाभांश देने का फैसला लिया गया, ऐसा घागरे ने कहा।

घागरे ने कहा, "पहले के कारभारियों ने करीब 2.66 फीसदी लाभांश दिया था। हमारे पास सिर्फ पांच महीने का टाइम होते हुए भी कंजूसी से कामकाज करके हम 5 फीसदी लाभांश दे रहे हैं। इससे पहले 2020 में तो शून्य फीसदी लाभांश देने की नौबत भी आई थी। सदस्यों के पैसे का सही इस्तेमाल करके उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा देना ही हमारी भूमिका है।" इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पहले बांधकाम के लिए दिए गए कुछ ठेके गलत तरीके से हुए थे, इसलिए उन्हें रद्द कर दिया गया।

बैंक ने रेगुलर कर्ज की लिमिट 16 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है, जिसका ब्याज दर 9.75 फीसदी रहेगा। शिक्षण सेवकों को स्थाई सदस्यता देकर उनके लिए 10 लाख रुपये तक कर्ज की सुविधा दी गई है। आकस्मिक कर्ज की लिमिट भी तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। सांगली और सोलापूर जिले के सदस्यों के बीच जो फर्क था, उसे खत्म करके दोनों जगह के सदस्यों के लिए बराबर 55 लाख रुपये की कुल कर्जमर्यादा लागू की गई है, ऐसा पदाधिकारियों ने बताया।

वाइस चेयरमैन कृष्णा पोळ ने कहा, "बैंक पर डिपॉजिटर्स का भरोसा बढ़ा है और डिपॉजिट ने 600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। सदस्यों की मासिक कटौती 1300 रुपये से घटाकर एक हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है, जिससे हर सदस्य की हर महीने 300 रुपये की कटौती कम होगी।" उन्होंने सभी सदस्यों से वार्षिक सभा में आने की अपील की, साथ ही सभा शांति से और शिक्षकी पेशे की इज्जत बनाए रखते हुए चलाने में सहयोग करने को कहा।

जुनी पेंशन संगठन के जिलाध्यक्ष अमोल शिंदे ने बताया, "'मृतसंजीवनी' योजना की मासिक कटौती बढ़ाए बिना मृत सदस्यों के परिवार को मिलने वाली मदद बढ़ाई गई है। जुनी पेंशन योजना के सदस्यों के वारिसों को मिलने वाली मदद 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये, जबकि एनपीएस वाले सदस्यों के परिवार के लिए यह मदद 15 लाख रुपये तक कर दी गई है।" उन्होंने बताया कि एमपीएससी वाले शिक्षकों के लिए भी अतिरिक्त मदद का प्रावधान किया गया है, और अभी तक अलग-अलग तरीकों से करीब 2 करोड़ 57 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है। कर्जदार और बिना कर्ज वाले, दोनों तरह के मृत सदस्यों के परिवारों को इस योजना से मदद दी गई है। दूसरे जिले में रहने वाले सदस्यों से पहले एक्स्ट्रा कागजात मांगे जाते थे, अब सभी सदस्यों के लिए कागजात के नियम एक जैसे रखे जाएंगे, ऐसा शिंदे ने बताया।

बैंक के पदाधिकारियों के मुताबिक, 2019-20 में कंप्यूटर घसारा और मरम्मत पर करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये खर्च हुए थे। चालू साल में यह खर्च करीब 58 लाख रुपये तक सीमित रखा गया, जिससे करीब 72 लाख रुपये की बचत हुई है, ऐसा दावा किया गया है। हालांकि जरूरी डिजिटल बैंकिंग और साइबर सिक्योरिटी पर खर्च किया गया है, ऐसा बताया गया। वसूली पर खास ध्यान देने से बकाया कर्ज की वसूली सुधरी है और एनपीए के लिए किया गया प्रावधान शून्य पर लाने में कामयाबी मिली है, ऐसा भी बैंक के पदाधिकारियों ने दावा किया।

स्वाभिमानी मंडल के नेता अविनाश गुरव ने आने वाली सभा को लेकर विरोधियों से कहा, "सदस्य सही तरीके से सवाल पूछें। हर सवाल का जवाब देने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन सभा में कोई गड़बड़ी हुई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।" उन्होंने बताया कि वार्षिक सभा की जगह पर बंदोबस्त के साथ सीसीटीवी की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही उन्होंने पिछले सत्ताधारियों पर पुरानी शाखाओं की मरम्मत पर दो साल में करीब एक करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए उस खर्च पर भी सवाल उठाए।

पदाधिकारियों ने साफ किया कि पांच महीने के कारभार में 5 फीसदी लाभांश देना मुमकिन हो सका है, और आने वाले आर्थिक साल में पूरे साल का टाइम मिलेगा, इसलिए सदस्यों को और ज्यादा फायदा देने की कोशिश की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेयरमैन अशोक घागरे, वाइस चेयरमैन कृष्णा पोळ, स्वाभिमानी के नेता जगन्नाथ कोळपे, अविनाश गुरव, सुधाकर पाटील, तानाजी खोत, उच्चाधिकार समिति के अध्यक्ष मुश्ताक पटेल, पूर्व चेयरमैन रुपाली गुरव, संजय महिंद, अनिता काटे, फत्तू नदाफ, मिलन नागणे, नितीन चव्हाण, अमोल शिंदे, शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमोल माने, सचिन खरमाटे, धनाजी घाडगे, राहुल पाटणे, शिवाजी जाधव, सुनील तावरे, उल्हास सानप, विलास हाके, विश्वास पुजारी, मागासवर्गीय संगठन के संतोष काटे, खाजगी शिक्षक परिषद के बाळासाहेब कटारे, नितेंद्र जाधव वगैरह मौजूद थे।

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