रूस ने भारत को दी वंदे भारत, बुलेट ट्रेन से भी तेज 360 किमी स्पीड वाली Ivolga FG ट्रेन की पेशकश
रूसी कंपनी TMH ने भारत में साझा तौर पर Ivolga FG हाईस्पीड ट्रेन बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसकी डिजाइन स्पीड 360 किमी प्रति घंटा बताई गई है।
भारत के रेलवे सेक्टर में हाईस्पीड सफर का एक नया दौर शुरू हो सकता है। वंदे भारत एक्सप्रेस के बाद और लंबे समय से चर्चा में चल रही बुलेट ट्रेन के बीच अब रूस ने भारत के सामने एक और अत्याधुनिक ट्रेन का प्रस्ताव रखा है। रूसी रोलिंग स्टॉक बनाने वाली कंपनी ट्रांसमैशहोल्डिंग यानी TMH ने भारत में Ivolga FG हाईस्पीड ट्रेन को साझा तौर पर डिजाइन और तैयार करने की इच्छा जताई है। खास बात ये है कि इस ट्रेन की डिजाइन स्पीड 360 किमी प्रति घंटा बताई गई है।
अगर स्पीड की बात करें तो भारत के लिए प्रस्तावित Ivolga FG, फिलहाल चर्चा में चल रही दूसरी हाईस्पीड ट्रेनों से ज्यादा तेज साबित हो सकती है। भारत की आने वाली बुलेट ट्रेन को 350 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, हालांकि असल सफर में इसके करीब 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने का प्लान है। वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है और फिलहाल ये औसतन करीब 130 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चल रही है। यानी Ivolga FG की प्रस्तावित 360 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड, इन दोनों ही ट्रेनों से ज्यादा है।
रूस का ये प्रस्ताव सिर्फ ट्रेन भारत लाने तक सीमित नहीं है। भारत और रूस के बीच हाईस्पीड रेलवे टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझा रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी R&D करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही ट्रेन का उत्पादन भारत में ही करने की योजना भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान Ivolga FG हाईस्पीड ट्रेन का ये कॉन्सेप्ट पेश किया गया। अगर दोनों देशों के बीच इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो इससे भारत की हाईस्पीड रेलवे उत्पादन क्षमता को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
रूसी कंपनी TMH की भारत के रेलवे सेक्टर में पहले से ही भागीदारी है। Kinet Railway Solutions के जरिए TMH ने रेल विकास निगम लिमिटेड यानी RVNL के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है, जो भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के निर्माण और मेंटेनेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। ऐसे में Ivolga FG को लेकर आया नया प्रस्ताव भारत-रूस रेलवे सहयोग का अगला कदम बन सकता है।
Ivolga असल में रूस में डेवलप की गई मॉडर्न इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट यानी EMU ट्रेनों की एक फैमिली है, जिसे EG2Tv और EGE2Tv नामों से भी जाना जाता है। इसे खासतौर पर ज्यादा पैसेंजर कैपेसिटी वाली शहरी रेलवे और सरफेस मेट्रो सर्विसेज के लिए बनाया गया है। ये ट्रेन मॉस्को सेंट्रल डायमीटर्स यानी MCD रूट्स पर चलती है, और अब तक इसके Ivolga 1.0 से लेकर Ivolga 4.0 तक कई वर्जन बन चुके हैं। हालांकि अहम बात ये है कि फिलहाल सर्विस में मौजूद Ivolga ट्रेनों के प्रोडक्शन वर्जन की अधिकतम स्पीड करीब 120 से 160 किमी प्रति घंटा ही है। भारत के लिए जो Ivolga FG प्रस्तावित है, वो एक हाईस्पीड कॉन्सेप्ट है, जिसकी डिजाइन स्पीड 360 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है।
Ivolga ट्रेन की नई पीढ़ी के मॉडल्स में पैसेंजर्स की सुविधा के साथ-साथ तेज बोर्डिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है। Ivolga 4.0 में हर बीच वाले कोच में तीन दरवाजे दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में ज्यादा आसानी होती है। इस ट्रेन में करीब 1400 मिमी चौड़े दरवाजे, कोच के बीच ओपन गैंगवे, स्मार्ट लाइटिंग, USB चार्जिंग पोर्ट और क्लाइमेट कंट्रोल जैसी सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही साइकिल, स्कूटर और दिव्यांग यात्रियों के लिए भी अलग से जगह रखी गई है।
भारत फिलहाल हाईस्पीड और सेमी हाईस्पीड रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में रूस का ये प्रस्ताव टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन और रिसर्च के लिहाज से भारत के लिए अहम साबित हो सकता है। अगर भारत और रूस के बीच Ivolga FG को लेकर सहयोग फाइनल होता है, तो देश में ही एक अत्याधुनिक हाईस्पीड ट्रेन डेवलप और तैयार करने का रास्ता खुल सकता है। आने वाले समय में भारत के रेलवे नेटवर्क में वंदे भारत और बुलेट ट्रेन के साथ 360 किमी प्रति घंटा डिजाइन स्पीड वाली Ivolga FG भी नजर आएगी या नहीं, इस पर अब रेलवे सेक्टर की नजर टिकी है।