रेपो रेट में बढ़ोतरी की आशंका, होम-कार लोन की EMI महंगी होने की चर्चा तेज
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच, रेट बढ़ने की उम्मीद से आम लोगों की टेंशन बढ़ी
RBI ने पिछले काफी समय से रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया था, लेकिन अब इसमें बड़ा फेरबदल होने की चर्चा जोरों पर है। अगर ऐसा हुआ तो आम आदमी को इसका सीधा झटका लगेगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक अगले हफ्ते, यानी 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली है। माना जा रहा है कि इस बार कमेटी रेपो रेट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है।
अमेरिका और जापान के केंद्रीय बैंकों ने हाल ही में अपनी मुख्य ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। फेड ने भी संकेत दिए हैं कि दिसंबर में वह और सख्त पॉलिसी अपना सकता है। इसी वजह से RBI पर भी ब्याज दर बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है।
इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक, दिसंबर तक रेपो रेट में कुल मिलाकर 50 बेसिस पॉइंट्स तक की बढ़ोतरी हो सकती है। नोमुरा ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि RBI की मौद्रिक नीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। कई एशियाई देशों ने अपनी ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, लेकिन भारत ने अब तक कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि तेल की बढ़ती कीमतें, अनाज के बढ़ते दाम और फेड की दर बढ़ोतरी की वजह से अब RBI पर भी दबाव बना हुआ है।
शेयर बाजार को अगले एक साल में करीब 125 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन नोमुरा की राय इससे अलग है। नोमुरा का कहना है कि भारत में महंगाई का रुख कम हुआ है। उनके मुताबिक दिसंबर तक RBI के 25 से 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करने की 80% संभावना है, और उसके बाद फरवरी तक आगे दरवृद्धि जारी रहने की संभावना कम है। नोमुरा का यह भी कहना है कि RBI के एक साल में 75 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा दर बढ़ाने की सिर्फ 20% संभावना है।
नोमुरा का इन्फ्लेशन जनरलाइजेशन इंडेक्स अगस्त में 92.6 पर था, जो जनवरी के 84.8 से तो ज्यादा है, लेकिन 100 के औसत स्तर से अभी भी कम है। इससे साफ है कि महंगाई बढ़ने के फिलहाल कोई खास संकेत नहीं हैं। यह इंडेक्स दस घटकों को मिलाकर बनाया गया एक मापदंड है, जिसमें महंगाई दर, अंतर, महंगाई को लेकर उम्मीदें और वेतन से जुड़े बदलाव जैसे फैक्टर शामिल हैं।
नोमुरा के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में भारत की कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI महंगाई 5.2% रहेगी, और वित्त वर्ष 2028 में यह घटकर 4% के मध्यम लक्ष्य तक आ जाएगी। भारत की खुदरा महंगाई जुलाई महीने के 4.45% से बढ़कर इस साल अगस्त में 4.82% पर पहुंच गई है। नोमुरा के अनुमान के मुताबिक RBI अक्टूबर और दिसंबर में दरों में 25-25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा, जिससे अंतिम दर 5.75% तक पहुंच जाएगी।