रेनो ट्राइबर का टर्बो वर्जन लॉन्च, कीमत 7.84 लाख से शुरू, 21 किमी माइलेज का दावा
रेनो ने अपनी 7-सीटर एमपीवी ट्राइबर का नया टर्बो पेट्रोल वेरिएंट उतारा, जिसकी कीमत 7.84 लाख से 8.99 लाख रुपये के बीच है।
भारतीय बाजार में 7-सीटर कार की बात हो तो सबसे पहले मारुति अर्टिगा, टोयोटा इनोवा और किआ कारेंस के नाम याद आते हैं। लेकिन इन गाड़ियों की कीमत ज्यादा होने की वजह से कम बजट में 7-सीटर ढूंढने वाले ग्राहकों के पास विकल्प सीमित थे। अब रेनो ने अपनी पॉपुलर 7-सीटर एमपीवी ट्राइबर को नए टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ मार्केट में उतारा है, जिससे कम कीमत में दमदार परफॉर्मेंस चाहने वालों के लिए नया ऑप्शन आ गया है।
नई रेनो ट्राइबर टर्बो की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 7.84 लाख रुपये रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत 8.99 लाख रुपये है। रेगुलर पेट्रोल ट्राइबर के मुकाबले टर्बो वेरिएंट के लिए ग्राहकों को करीब 94,000 रुपये से लेकर 1.11 लाख रुपये तक ज्यादा खर्च करने होंगे। कंपनी ट्राइबर के ज्यादा पावरफुल वर्जन पर पिछले कई सालों से काम कर रही थी। 2019 में ही टर्बो वर्जन की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन अलग-अलग वजहों से लॉन्च में देरी होती रही। आखिरकार कंपनी ने यह टर्बो मॉडल भारतीय बाजार में उतार दिया है।
ट्राइबर टर्बो में HR10 कोड वाला 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है। यही इंजन रेनो किगर और डस्टर 1.0 में भी इस्तेमाल होता है, हालांकि ट्राइबर टर्बो में कंपनी ने इंजन मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव किए हैं। इन बदलावों की वजह से ट्राइबर टर्बो का इंजन 100hp पावर और 180Nm पीक टॉर्क जनरेट करता है, और खास बात यह है कि टॉर्क के मामले में यह इंजन किगर और डस्टर 1.0 से भी ज्यादा आउटपुट देता है। कंपनी के दावे के मुताबिक, ट्राइबर टर्बो सिर्फ 10.8 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है। फिलहाल यह कार सिर्फ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ही उपलब्ध है, आगे चलकर कंपनी सीवीटी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन भी दे सकती है। रेनो का दावा है कि टर्बो इंजन 21 किमी प्रति लीटर तक माइलेज दे सकता है।
डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं और कार का लुक ज्यादातर रेगुलर ट्राइबर जैसा ही है, बस आगे ग्लॉस ब्लैक ग्रिल और रेनो का नया लोगो दिया गया है, साथ ही एलईडी हेडलैंप और एलईडी डीआरएल भी मिलते हैं। फ्रंट बंपर में सिल्वर सराउंड के साथ बड़ा एयर डैम और दोनों तरफ फॉग लैंप दिए गए हैं। पीछे क्लियर-लेंस एलईडी टेललैंप हैं जिन्हें ग्लॉस ब्लैक ट्रिम से जोड़ा गया है। टेलगेट पर TURBO बैज दिया गया है जो इस मॉडल की अलग पहचान बनाता है। साइड प्रोफाइल में 15-इंच के ड्युअल-टोन व्हील कवर, फंक्शनल रूफ रेल और ग्लॉस ब्लैक फिनिश वाले डोर हैंडल व ओआरवीएम दिए गए हैं।
केबिन में 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है जो वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करता है, साथ ही 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी मिलता है। इसके अलावा वायरलेस फोन चार्जर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, रियर ब्लोअर कंट्रोल, कूल्ड सेंटर स्टोरेज बॉक्स, ऑटोमैटिक हेडलैंप और वाइपर, रियर वॉशर-वाइपर, क्रूज कंट्रोल और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप जैसे फीचर्स दिए गए हैं। तीसरी रो की सीट फोल्ड करने के बाद कार में 625 लीटर तक बूट स्पेस मिल जाता है।
सेफ्टी के लिहाज से भी 6 एयरबैग, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट, एबीएस, ईबीडी, ईएसपी, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल-स्टार्ट असिस्ट और टीपीएमएस जैसे फीचर्स दिए गए हैं। टर्बो इंजन की बढ़ी हुई पावर के मुताबिक कंपनी ने एबीएस, ईएससी और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम में भी जरूरी ट्यूनिंग की है। रेनो ट्राइबर को पहले ग्लोबल एनसीएपी क्रैश टेस्ट में 4 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है। कम कीमत, 7-सीटर क्षमता, टर्बो पेट्रोल इंजन और 21 किमी प्रति लीटर तक माइलेज के दावे की वजह से ट्राइबर टर्बो पर ग्राहकों का ध्यान गया है। भारतीय बाजार में इसकी तुलना मारुति अर्टिगा, निसान ग्रेवाइट और टोयोटा इनोवा जैसे 7-सीटर मॉडल से की जा सकती है।