रायगड के टकमक टोक के नीचे खाई में मिली लापता युवक की लाश, ड्रोन से लगा पता
किले रायगड के टकमक टोक से कूदने के शक में लापता 37 साल के युवक की लाश निजामपूर की तरफ करीब 800 फूट गहरी खाई में मिली। लाश बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
किले रायगड के टकमक टोक से कूदने के शक में लापता हुए 37 साल के युवक की लाश आखिरकार मिल गई है। रेस्क्यू टीम को यह लाश टकमक टोक के नीचे, निजामपूर की तरफ करीब 800 फूट गहरी खाई में दिखी। लाश को खाई से सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश अभी चल रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह युवक शनिवार को किले रायगड पर आया था। इसके बाद उसने घर फोन किया और कहा कि वह टोकाका कदम उठाने जा रहा है। फोन कटने के कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था, इसलिए घरवाले परेशान हो गए और फौरन रायगड के पायथे की तरफ दौड़े। वहां उन्हें युवक की दुचाकी खड़ी मिली, लेकिन वह खुद कहीं नहीं मिला। तब परिवार ने पुलिस को खबर दी।
सूचना मिलते ही महाड तालुका पुलिस, स्थानीय लोग और इमरजेंसी रेस्क्यू टीम रायगड पर पहुंच गई। देर रात तक इलाके में तलाश चलती रही। मगर घना अंधेरा था, कोहरा भी बहुत गहरा था और टकमक टोक के नीचे की खाई बेहद खतरनाक है। इसी वजह से सुरक्षा को देखते हुए रात में तलाश रोक दी गई।
रविवार को सुबह होते ही रेस्क्यू टीम ने फिर से तलाश शुरू की। खाई काफी बड़े इलाके में फैली है और वहां की बनावट भी मुश्किल है, इसलिए इस बार ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। ड्रोन से देखते हुए निजामपूर की दिशा में करीब 800 फूट गहरी खाई में युवक की लाश दिखाई दी।
लाश का पता लग गया है, पर उसे ऊपर लाना टीम के लिए बड़ी चुनौती है। जहां लाश मिली है, वहां घनी झाड़ी है, ढलान बहुत तीखी है और खाई भी गहरी है। इसलिए यह बचाव का काम जोखिम भरा है। मौसम भी साथ नहीं दे रहा, कोहरा और खराब हालात तलाश के दौरान भी मुश्किल बने रहे। फिलहाल रेस्क्यू टीम खाई में उतरकर लाश को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रही है।
युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अब तक साफ नहीं हुई है। पुलिस इस घटना के पीछे के कारण की जांच कर रही है।