रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में पृथ्वी शॉ संभालेंगे महाराष्ट्र की कप्तानी
ऋतुराज गायकवाड की गैरमौजूदगी में शॉ को कमान, 11 अक्टूबर को सर्विसेस से मुकाबला
पृथ्वी शॉ को आने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन के पहले मैच के लिए महाराष्ट्र टीम का कप्तान बनाया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें ऋतुराज गायकवाड की जगह दी गई है। पृथ्वी इन दिनों अपनी निजी जिंदगी की वजह से ज्यादा चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने और उनकी होने वाली बीवी आकृति ने अलग होने का फैसला किया था। इसके बावजूद पृथ्वी एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर दिखाई देंगे।
महाराष्ट्र की टीम 11 अक्टूबर को नई दिल्ली में सर्विसेस के खिलाफ ग्रुप 'सी' के मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। रणजी ट्रॉफी 2026-27 का सीजन भी 11 अक्टूबर से ही शुरू हो रहा है।
महाराष्ट्र की 16 सदस्यों वाली टीम में नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड का नाम नहीं है। वे ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ तीन मैचों की अनधिकृत वनडे सीरीज में भारत 'ए' टीम की कप्तानी करेंगे। भारत 'ए' और ऑस्ट्रेलिया 'ए' के बीच ये मैच 6, 9 और 11 अक्टूबर को पुदुचेरी में खेले जाएंगे। इसी सीरीज के लिए महाराष्ट्र के ऑलराउंडर अर्शिन कुलकर्णी को भी भारत 'ए' टीम में जगह मिली है। ऐसे में गायकवाड की गैरमौजूदगी में महाराष्ट्र की कमान पृथ्वी शॉ के हाथ में रहेगी।
शॉ ने 2025-26 के घरेलू सीजन से पहले मुंबई की टीम को अलविदा कहकर महाराष्ट्र का दामन थामा था। उस सीजन में उन्होंने महाराष्ट्र के लिए शानदार प्रदर्शन किया। सात मैचों की 11 पारियों में उन्होंने 537 रन बनाए और अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। महाराष्ट्र के लिए सबसे ज्यादा रन भी उन्हीं के नाम रहे।
भारत के लिए शॉ ने पांच टेस्ट मैच खेले हैं और उनमें 339 रन बनाए हैं। छह वनडे मैचों में उनके नाम 189 रन हैं। वे आखिरी बार 2021 में भारत के लिए खेले थे। उसके बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका नहीं मिला।
एक वक्त पृथ्वी शॉ की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती थी। रेड बॉल और व्हाइट बॉल दोनों तरह की क्रिकेट में बतौर कप्तान उनका प्रदर्शन असरदार रहा है। 2018 में शॉ की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम को जीत मिली थी। शुभमन गिल भी उस टीम का हिस्सा थे और शॉ की कप्तानी में खेले थे।
इसके बाद पृथ्वी ने 2021-22 के रणजी ट्रॉफी सीजन में मुंबई की कप्तानी की और टीम को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि उस फाइनल में टीम को मध्य प्रदेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। फिर शॉ ने मुंबई को विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब दिलाया। उस सीजन में उनका बल्ला जमकर चला और उन्होंने 827 रन बनाए, जिनमें 227 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा। अब वे एक बार फिर महाराष्ट्र टीम की कमान संभालने जा रहे हैं।