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पुलिस सुरक्षा में मिला एनवीसीसी को नया अध्यक्ष

स्वप्नील अहिरकर का चयण, होटल में हुई वार्षिक आम सभा

पुलिस सुरक्षा में मिला एनवीसीसी को नया अध्यक्ष

नागपुर.

नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कामर्स (एनवीसीसी) की सोमवार को हुई वार्षिक सभा ने अपना नाम इतिहास में नाम दर्ज कराया है. एनवीसीसी के इतिहास में पहली मर्तबा पुलिस सुरक्षा के बीच वार्षिक सभा संपन्न हुई. जिसमें स्वप्नील अहिरकर को एनवीसीसी का नया अध्यक्ष चुना गया.

एनवीसीसी के निवर्तमान अध्यक्ष फारूख अकबानी का दो साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए अध्यक्ष की खोजबीन आरंभ हो गई थी. कुछ लोग अकबानी को ही आगे बढ़ाना चाहते थे जबकि कई लोगों की नए व्यक्ति को कमान सौपने की मंशा थी. इस वजह से सोमवार 28 सितंबर को होनेवाली वार्षिक आम सभा में हंगामा होने की प्रबल संभवान थी. निवर्तमान अध्यक्ष फारूख अकबानी कुर्सी बरकरार रखने के लिए प्रयासरत थे. उन्होंने हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. पुलिस सुरक्षा के लिए शुल्क भी जमा कर दिया गया था. जिसके तहते आम सभा को पुलिस की तैनाती की गई थी. पहली मर्तबा वार्षिक सभा में पुलिस की मौजूदगी देखकर व्यापार जगत के लोग भी अचंभित थे.

वार्षिक आम सभा का आयोजन सुबह 11 बजे गणेशपेठ के एसटी स्टैंड चौक स्थित होटल द्वारकामाई में किया गया था. दो घंटे तक चली इस सभा में स्वप्ननील अहिरकर को अध्यक्ष चुना गया. एनवीसीसी के कार्यकारिणी सदस्यों को लेकर व्यापारियों में पहले ही काफी रोष है. व्यापारियों का कहना है कि 'डिफाल्टर' लोगों को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है. एक सदस्य तो ऐसा है जो कई व्यापारियों को 'टोपी' पहचनाने के लिए ख्यात है. उसने करीबी लोगों को भी चूना लगाया है. व्यापारियों का कहना है कि कुछ लोग एनवीसीसी को अपनी जागिर समझकर चला रहे है. वह अपना कब्जा छोड़ना नहीं चाहते है. बीते कुछ समय से एनवीसीसी विवादों में रही है. दो पूर्व अध्यक्ष के बीच सत्ता संघर्ष में गैंगवार की नौबत आ गई थी. उस वक्त भी सभा के दौरान हंगामा मचने पर पुलिस को बुलाना पड़ा था. व्यापारी झगड़े-फसाद से काफी दूर रहते है. उनके ही चुनाव पुलिस की सुरक्षा में कराए जाने से एनवीसीसी की छवि प्रभावीत हो रही है.

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