मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:05 IST

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: पक्के घर के लिए 1.30 लाख तक की मदद, ऐसे करें आवेदन

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत गांव के गरीब और बेघर परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सीधे बैंक खाते में आर्थिक मदद दी जा रही है, फिलहाल योजना 2.0 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: पक्के घर के लिए 1.30 लाख तक की मदद, ऐसे करें आवेदन
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गांव में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' यानी PMAY-G चला रही है। जिन परिवारों के पास अपना पक्का घर नहीं है या जो कच्चे घर में रहते हैं, उन्हें घर बनाने के लिए 1 लाख 30 हजार रुपये तक की मदद सीधे बैंक खाते में दी जाती है। अभी 'प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0' के लिए रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो चुका है।

इस योजना की शुरुआत अचानक नहीं हुई है। गांव के गरीबों को अपना घर मिले, इस मकसद से 1996 में 'इंदिरा आवास योजना' शुरू की गई थी। बाद में 2024 में इसमें कई अहम बदलाव करके इसका नाम बदलकर 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' कर दिया गया। जिन लोगों के सिर पर पक्की छत नहीं है या जो झोपड़ी में रहते हैं, उन्हें सुरक्षित और पक्का घर देना ही इस योजना का मकसद है।

योजना के तहत घर का कम से कम क्षेत्रफल 25 से 30 वर्गमीटर तय किया गया है और उसमें रसोई की सुविधा होना जरूरी है। हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर के राज्यों और जम्मू-कश्मीर जैसे दुर्गम और पहाड़ी इलाकों के लाभार्थियों को प्रति यूनिट 1 लाख 30 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। घर बनाने के लिए 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ज्यादा से ज्यादा 70 हजार रुपये तक का कर्ज भी मिल सकता है, और 2 लाख रुपये तक की मूल रकम पर सब्सिडी का फायदा भी उठाया जा सकता है।

इसके अलावा दूसरी सरकारी योजनाओं का फायदा भी साथ में मिलता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत टॉयलेट बनाने के लिए 12000 रुपये अलग से मिलते हैं। मनरेगा के तहत घर के काम के लिए 95 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है। उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस कनेक्शन और दूसरी सरकारी योजनाओं से पीने का पानी और बिजली का कनेक्शन भी मिलता है।

योजना के लिए पात्र वे परिवार हैं जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है और जो फिलहाल मिट्टी या कच्चे घर में रह रहे हैं। इसमें बेघर लोग, भीख मांगने वाले, विशेष पिछड़ी आदिवासी जनजाति और रोज मजदूरी करने वाले मजदूर भी शामिल हैं। वहीं जिन परिवारों के घर में दो से ज्यादा कमरे हैं, जिनके पास दुपहिया, चारपहिया वाहन या नाव है, जिनके पास 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड है, जिस परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, या जिस परिवार की मासिक आमदनी 10 हजार रुपये से ज्यादा है या जो नियमित इनकम टैक्स भरता है, उन्हें इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।

आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और उसकी डिटेल, स्वच्छ भारत मिशन नंबर और यह हलफनामा देना होगा कि आवेदक के नाम पर कहीं भी पक्का घर नहीं है। जो लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं वे अंगूठे के निशान से भी काम चला सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए PMAY-G की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर भरना होता है, आधार इस्तेमाल करने की सहमति अपलोड करनी होती है, फिर 'Register' पर क्लिक करके बाकी पर्सनल और बैंक डिटेल भरनी होती है। अगर कर्ज चाहिए तो उसकी रकम, मनरेगा जॉब कार्ड नंबर और स्वच्छ भारत मिशन नंबर डालकर फॉर्म सबमिट करना होता है।

ऑनलाइन प्रोसेस पूरा होने और फाइनल लिस्ट में नाम आने के बाद फंड मंजूर करने के ऑर्डर निकलते हैं। ऑर्डर निकलने के 7 दिन के अंदर पहली किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए जमा हो जाती है। पूरी रकम कुल 3 से 5 किस्तों में दी जाती है। लिस्ट में अपना नाम चेक करने के लिए PMAY-G की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 'Stakeholders' टैब में 'IAY/PMAYG Beneficiary' पर क्लिक करना होता है, फिर रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करने पर स्टेटस और लिस्ट दिख जाती है।

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