मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:02 IST

पेशवा व्हीट के IPO में पहले ही दिन QIB कोटे पर 88 करोड़ की बोली, 177 गुना भरा

पेशवा व्हीट लिमिटेड के IPO को संस्थागत निवेशकों से पहले दिन ही जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, QIB कोटा 177 गुना से ज्यादा भर गया।

पेशवा व्हीट के IPO में पहले ही दिन QIB कोटे पर 88 करोड़ की बोली, 177 गुना भरा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

शेयर बाजार में इस वक्त एक साथ करीब 10 एसएमई आईपीओ चल रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच पेशवा व्हीट लिमिटेड का आईपीओ पहले ही दिन सुर्खियों में आ गया है। बीएसई पर लिस्ट हुए इस इश्यू को संस्थागत निवेशकों यानी क्यूआईबी ने चंद घंटों में ही जिस तरह लपका, उसने बाजार को चौंका दिया है। क्यूआईबी कोटा पहले दिन ही 177 गुना से ज्यादा भर गया।

कंपनी के क्यूआईबी कोटे में कुल 49200 शेयर रखे गए थे, लेकिन पहले ही दिन इसके लिए 87.14 लाख शेयरों के आवेदन आ गए। मतलब सिर्फ क्यूआईबी कोटे के लिए ही करीब 88 करोड़ रुपये की बोलियां लग गईं। इस जबरदस्त डिमांड के चलते पूरा आईपीओ पहले ही दिन फुल सब्सक्राइब होने की राह पर नजर आ रहा है।

आईपीओ का कुल आकार 53.52 करोड़ रुपये है, जिसमें 52.99 लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं। कंपनी ने प्राइस बैंड 95 से 101 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह इश्यू बीएसई एसएमई पर 1 अक्टूबर 2026 को लिस्ट होगा। ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 85 से 90 रुपये के बीच चल रहा है, जिसके हिसाब से अंदाजा लगाया जा रहा है कि शेयर 186 से 191 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है।

कंपनी के वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े भी काफी मजबूत रहे हैं। पेशवा व्हीट की कुल आमदनी 215.96 करोड़ रुपये रही, जबकि नेट प्रॉफिट यानी पीएटी में 34 फीसदी का उछाल आया और यह 15.81 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का प्रति शेयर उत्पन्न यानी ईपीएस 11.51 रुपये है। 101 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर यह शेयर 8.77 के पीई मल्टीपल पर आ रहा है, जिसे एग्री सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले सस्ता माना जा रहा है।

पेशवा व्हीट मध्य प्रदेश से कच्चा माल खरीदती है। फिलहाल कंपनी की उत्पादन क्षमता 56,100 मेट्रिक टन है और यह 90 फीसदी क्षमता पर काम कर रही है। कंपनी अब अपनी क्षमता 83 फीसदी बढ़ाकर 1,02,600 मेट्रिक टन करने की तैयारी में है। यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है। इससे जुटाई गई रकम प्लांट के विस्तार, कंस्ट्रक्शन और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च की जाएगी।

अब संस्थागत निवेशकों की इस तूफानी दिलचस्पी के बाद बाजार की नजर इस पर टिकी है कि बचे हुए दिनों में रिटेल और एचएनआई निवेशक इस इश्यू को किस तरह का रिस्पॉन्स देते हैं। यह आईपीओ 28 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

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