पति को नई जिंदगी मिली, सोनाली भुरसे ने विधायक सुधीर मुनगंटीवार को बांधी राखी
पोंभूर्णा में एकल महिला सम्मेलन में भावुक पल, कैंसर के इलाज में मदद के लिए जताया आभार
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किसी परिवार पर अचानक मुसीबत आ जाए तो शब्दों से ज्यादा काम आता है मदद का हाथ। पोंभूर्णा तालुका की देवाडा खुर्द गांव की रहने वाली सोनाली मुकुंदा भुरसे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उनके पति को कैंसर का पता चला और पूरा परिवार अचानक अनिश्चितता में घिर गया। इसी मुश्किल घड़ी में विधायक सुधीर मुनगंटीवार मदद के लिए आगे आए।
सोनाली भुरसे राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) की महिला आघाड़ी की पोंभूर्णा तालुका अध्यक्ष हैं। करीब तीन महीने पहले उनके पति मुकुंदा भुरसे को कैंसर डिटेक्ट हुआ था, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया था। इलाज की चिंता, बीमारी की गंभीरता और आगे क्या होगा, इस उलझन में परिवार परेशान था। ऐसे में विधायक मुनगंटीवार ने पहल करते हुए मुकुंदा भुरसे के इलाज के लिए मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में व्यवस्था कराने में मदद की। वहां उनकी सफल सर्जरी हुई और इलाज के बाद अब वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। संकट के समय मिली यह मदद भुरसे परिवार के लिए सिर्फ इलाज की सहायता नहीं थी, बल्कि निराशा के पल में उम्मीद की एक नई किरण थी।
पोंभूर्णा में हुए एकल महिला सम्मेलन में जब विधायक मुनगंटीवार पहुंचे, तो सोनाली भुरसे ने उनसे मुलाकात की। मन में रखी कृतज्ञता को उन्होंने सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि अपने अंदाज में जताया। उन्होंने विधायक मुनगंटीवार का सत्कार किया और पति की जान बचाने में मदद करने के लिए आभार जताते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस राखी के धागे में सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उसमें भरोसा, इंसानियत, कृतज्ञता और भाई-बहन के रिश्ते की भावना समाई हुई थी। मुश्किल वक्त में साथ देने वाले इंसान से बना यह रिश्ता राजनीतिक दायरों से कहीं ऊपर था।
सोनाली भुरसे एक अलग राजनीतिक पार्टी से जुड़ी होने के बावजूद, जब उनके परिवार पर संकट आया तो विधायक मुनगंटीवार ने मदद का हाथ बढ़ाया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संकट में इंसान के रूप में मदद के लिए दौड़ना ही असली जनसेवा है। जनता के सुख-दुख में हमेशा शामिल रहना और मुश्किल घड़ी में मदद के लिए आगे आना, यही विधायक सुधीर मुनगंटीवार की सार्वजनिक जीवन में कार्यशैली रही है। सेहत के संकट से लेकर पढ़ाई, रोजगार और दूसरी दिक्कतों तक, जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहने की उनकी भूमिका इस घटना से एक बार फिर सामने आई।
खास बात यह रही कि एकल महिला सम्मेलन में विधायक मुनगंटीवार ने भरोसा दिलाया कि कोई भी महिला अकेली नहीं है। संकट में फंसी हर महिला के साथ भाई की तरह खड़े रहने का संकल्प उन्होंने इसी कार्यक्रम में जताया। इसी कार्यक्रम में एक महिला ने अपने पति के इलाज में मिली मदद के लिए आभार जताते हुए विधायक मुनगंटीवार को भाई मानकर राखी बांधी, जिसने उनके संदेश को एक भावुक और जीवंत मिसाल दे दी। एक परिवार के मुश्किल दौर में मिला सहारा, एक पति को मिली नई जिंदगी और उसके लिए एक पत्नी के मन में उमड़ी कृतज्ञता, इन सबका गवाह बना यह पल पोंभूर्णा के एकल महिला सम्मेलन का सबसे भावुक क्षण बन गया। इंसानियत के रिश्ते में पार्टी की दीवारें नहीं होतीं और संकट में साथ देने वाला हाथ ही सच्चे मायने में अपना होता है, यह बात इस मौके ने एक बार फिर जता दी।