गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:02 IST

पशुपालन व्यवसाय के लिए सरकार देगी 75 फीसदी अनुदान, मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन योजना का फायदा लो

महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमशीलता योजना से गाय-भैंस, बकरी-भेड़ और मुर्गीपालन के लिए 50 से 75 फीसदी अनुदान मिलेगा।

पशुपालन व्यवसाय के लिए सरकार देगी 75 फीसदी अनुदान, मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन योजना का फायदा लो
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

खेती पर ही सब कुछ निर्भर रहने से कभी सूखा पड़ता है तो कभी भाव नहीं मिलता, यही दिक्कत ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना लाई है। इस योजना से गाय, भैंस, बकरी पालन, मुर्गी पालन जैसा अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया जा सकेगा और इसके लिए सरकार 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक पैसे देगी। यानी आधे से ज्यादा खर्च बचेगा।

खेती के साथ जोड़धंधे के तौर पर पशुपालन करना हो तो इस योजना से अनुदान मिल सकता है। इसमें गाय भैंस का गोठा खड़ा किया जा सकता है, जिसमें 2, 4 या 6 जानवरों का समूह बिठाया जा सकता है। बकरी भेड़ पालन के लिए 50 बकरियां और 5 बकरे ऐसा प्रोजेक्ट किया जा सकता है। इसी तरह मुर्गी पालन के लिए पोल्ट्री फार्म शुरू किया जा सकता है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यानी रोज की आमदनी शुरू होती है। फसल नहीं आई तो भी दूध, अंडे, मटन के पैसे रोज हाथ में आते हैं। जिसके पास खुद की जमीन नहीं है वह भी यह व्यवसाय कर सकता है, किराए पर जगह लेकर भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन करने के लिए कहीं भी ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। MahaDBT 2.0 इस पोर्टल से आवेदन करना है। इसके लिए mahadbt.maharashtra.gov.in इस वेबसाइट पर जाकर Maha ID या आधार नंबर डालकर लॉगिन करना है। मोबाइल पर आने वाला OTP डालने के बाद सभी योजनाओं की लिस्ट दिखती है, उसमें पशुसंवर्धन और दुग्ध व्यवसाय विकास विभाग में मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना चुनना है। इसके बाद अपनी जानकारी, जमीन की जानकारी, बैंक की जानकारी भरकर कागजात अपलोड करके आवेदन सबमिट करना है।

आवेदन के लिए मोबाइल नंबर लिंक वाला आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट फोटो, निवासी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, 7/12 और 8-अ उतारा, आधार लिंक वाली राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक लगेगी। जमीन नहीं हो तो 5 साल का किराया करार या भूमिहीन प्रमाण पत्र देना पड़ता है। इसके अलावा अल्पभूधारक प्रमाण पत्र, फार्मर ID, पशुपालन की ट्रेनिंग ली हो तो उसका सर्टिफिकेट और 12 सितंबर 2001 के बाद 3 से ज्यादा बच्चे नहीं हैं ऐसा शपथ पत्र जरूरी है।

अनुदान का प्रतिशत अलग अलग वर्ग के लिए अलग रखा गया है। सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है, बाकी के 50 प्रतिशत खुद भरने पड़ते हैं। SC/ST वर्ग के लिए 75 प्रतिशत अनुदान मिलता है, सिर्फ 25 प्रतिशत रकम भरनी पड़ती है। महिला, दिव्यांग और अल्पभूधारक किसानों को प्राथमिकता है और उन्हें 75 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है।

उदाहरण देना हो तो बकरी पालन (50 बकरियां + 5 बकरे) का खर्च 4 से 6 लाख रुपये आता है। इसमें सामान्य वर्ग को 2 से 3 लाख रुपये अनुदान मिलेगा, तो SC/ST वर्ग को 3 से साढ़े चार लाख रुपये मिलेंगे। गाय भैंस के समूह का खर्च 2 से 8.50 लाख रुपये होता है। इसमें सामान्य वर्ग को 1 से 4.25 लाख रुपये और SC/ST वर्ग को 1.50 से 6.37 लाख रुपये अनुदान मिलेगा।

इस योजना में कोई भी दलाल नहीं है। अनुदान की रकम सीधे आधार लिंक वाले बैंक खाते में DBT के जरिए जमा होगी। गांव में रहकर ही व्यवसाय करना हो तो इससे अच्छी योजना नहीं है, ऐसा कहा जा रहा है। जमीन कम हो तो भी चलेगा, लेकिन जिद हो तो महीने में 30 से 40 हजार रुपये कमाए जा सकते हैं।

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