मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:52 IST

पर्ची में लिखा था बेटा होगा, चौथी बार भी बेटी, अंनिस का धीरेंद्र शास्त्री को 1 करोड़ का चैलेंज

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पर्ची पर भरोसा करके यूपी के एक भक्त ने 10 साल बाद फिर बच्चा प्लान किया, लेकिन चौथी बार भी बेटी हुई। अब मामला अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति तक पहुंच गया है।

पर्ची में लिखा था बेटा होगा, चौथी बार भी बेटी, अंनिस का धीरेंद्र शास्त्री को 1 करोड़ का चैलेंज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

बागेश्वर धाम के प्रमुख और मशहूर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश के एक भक्त ने आरोप लगाया है कि शास्त्री की पर्ची पर भरोसा करके उसने 10 साल बाद दोबारा बच्चा प्लान किया, लेकिन बेटे के बजाय चौथी बार भी बेटी हुई। भक्त का कहना है कि इस वजह से उसके साथ धोखा हुआ है। पीड़ित भक्त इस मामले को लेकर अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के पास गया है।

पूरा मामला उत्तर प्रदेश के झांसी शहर के मगरवाड़ा इलाके से जुड़ा है, जहां के रहने वाले राजेंद्र कुमार मार्च 2024 से बागेश्वर धाम जा रहे थे। मई 2024 में बागेश्वर शास्त्री ने राजेंद्र कुमार को बुलाकर उनके नाम की पर्ची निकाली थी। इस पर्ची में लिखा गया था कि उनकी पत्नी को प्रेत बाधा है और उन्हें 21 पेशी करनी होगी, जिसके बाद पुत्रयोग बनेगा, यानी बेटा होगा। यह दावा लिखित रूप में दिया गया था।

इसी पर्ची पर यकीन करके राजेंद्र कुमार ने 10 साल के अंतराल के बाद फिर से बच्चा प्लान करने का फैसला किया। हाल ही में उनकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। राजेंद्र कुमार के पहले से ही तीन बेटियां हैं, और बाबा के दावे के बावजूद चौथी बार भी बेटी होने पर उन्होंने कहा कि उनके साथ आर्थिक और मानसिक, दोनों तरह से फसवणूक हुई है।

अपने जैसा धोखा किसी और के साथ न हो, इसी मकसद से राजेंद्र कुमार ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संगठक हरीश देशमुख से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के बाद अंनिस ने आक्रामक रुख अपना लिया है। समिति के पदाधिकारियों ने सीधी चुनौती दी है कि बागेश्वर शास्त्री अपने कथित चमत्कार वैज्ञानिक तरीके से साबित करके दिखाएं, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही अंनिस ने लोगों से ऐसे भ्रामक दावों पर भरोसा न करने की अपील भी की है। अब इस मामले में आगे और क्या जानकारी सामने आती है, यह देखना बाकी है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में कथावाचक के तौर पर मशहूर हैं। उनकी पहचान धार्मिक कथाओं, खासकर हनुमान भक्ति और भागवत कथाओं के जरिए बनी है। उनके अनुयायी उन्हें बागेश्वर धाम महाराज के नाम से भी जानते हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म जुलाई 1996 में छतरपुर जिले के एक छोटे गांव में हुआ था। उनका बचपन धार्मिक माहौल में बीता क्योंकि उनके पिता कथावाचन और पुजारी के तौर पर धार्मिक कामों से जुड़े थे। गांव के सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बारहवीं तक पढ़ाई की, ऐसा उपलब्ध जानकारी में बताया गया है।

छोटी उम्र में ही उन्होंने गांव में धार्मिक कथाएं सुनानी शुरू कर दी थीं, और बाद में उनकी कथाओं का आयोजन दूसरे गांवों में भी होने लगा। छतरपुर जिले के गढ़ा गांव का बागेश्वर धाम उनका मुख्य धार्मिक केंद्र बन गया, जहां धार्मिक कार्यक्रम और कथाओं के आयोजन के साथ उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। पर्ची के जरिए भक्तों की समस्याएं बताने के दावों से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री खासे चर्चा में आए। उनके समर्थक इस तरीके को धार्मिक श्रद्धा का हिस्सा मानते हैं, जबकि अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति समेत कुछ संगठनों ने उनके कथित चमत्कारों और दावों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई है। इस वजह से वे धार्मिक क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक चर्चा में भी बने रहते हैं।

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