पैनिक अटैक आने पर घबराने की बजाय ये उपाय अपनाएं, धड़कन और डर होगा कम
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पॅनिक अटॅक के दौरान शरीर में अचानक होने वाले बदलावों से घबराने के बजाय सही तरीके अपनाकर कैसे राहत पाई जा सकती है, जानिए इसके लक्षण भी।
अक्सर लोगों को शरीर में अचानक कुछ बदलाव महसूस होने लगते हैं। दिल की धड़कन तेज हो जाना, हार्ट बीट बढ़ना, छाती में बेचैनी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, पसीना छूटना, तेज डर लगना, कंपकंपी होना और चक्कर आना, ऐसे कई डरावने लक्षण दिखने लगते हैं। मन में पैदा हुए इस डर की वजह से पूरे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका असर शरीर के बाकी कामकाज पर भी पड़ता है। दिमाग पर से अचानक कंट्रोल छूटने की वजह से चक्कर आने लगते हैं या ऐसा लगता है जैसे संतुलन खो रहे हैं।
यहां यह समझना जरूरी है कि ये लक्षण किसी सामान्य बीमारी के नहीं, बल्कि पॅनिक अटॅक आने के बाद दिखते हैं। हार्ट अटॅक और पॅनिक अटॅक में बहुत फर्क होता है। मन में बढ़े हुए डर की वजह से शरीर के लक्षण और तेज हो जाते हैं और सेहत बिगड़ने लगती है। अगर वक्त के साथ ये लक्षण बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर की सलाह लेकर सही इलाज कराना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं पॅनिक अटॅक आने पर बचाव के लिए कौन से उपाय तुरंत करने चाहिए।
सबसे पहली बात, पॅनिक अटॅक आने पर या इसके लक्षण दिखते ही शांत रहना बहुत जरूरी है, वरना लक्षण और तेज हो जाते हैं। घबराहट महसूस होने पर उस जगह से भागने के बजाय वहीं शांति से बैठे रहें। थोड़ी देर की यह तकलीफ कम हो जाएगी और धीरे-धीरे शरीर सामान्य स्थिति में लौट आएगा। खुद को बार-बार यह बताते रहें कि कुछ मिनटों में सब ठीक हो जाएगा। इसके अलावा शरीर में हो रहे हर बदलाव को देखकर घबराना नहीं चाहिए।
दूसरा उपाय है सांस पर काबू रखना। पॅनिक अटॅक के दौरान अगर जोर से या तेजी से सांस ली जाए, तो चक्कर आना, सुन्नपन और सांस फूलने जैसी दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। इसलिए इस दौरान सांस को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। बहुत गहरी सांस लेने के बजाय धीरे और नियमित गति से सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। पेट से धीमी सांस लेने पर नर्वस सिस्टम का रिलैक्सेशन मैकेनिज्म एक्टिव होता है, जिससे दिल की धड़कन सामान्य होने में मदद मिलती है।
पॅनिक अटॅक के लक्षणों की बात करें तो इनमें छाती में धड़कन बढ़ना या दिल की धड़कन तेजी से बढ़ना शामिल है। इसके अलावा अचानक पूरे शरीर में पसीना आना, हाथ या पैर कांपना, सांस फूलना या दम घुटने जैसा महसूस होना, छाती में बेचैनी या दर्द होना, और सिर हल्का महसूस होना या चक्कर आकर गिर जाने जैसा लगना, ये भी इसके आम लक्षण हैं।
यह जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए दी गई है, इसमें किसी भी तरह के इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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