ओयो रूम बुकिंग पर नागपुर पुलिस सख्त, बावनकुळे ने आयुक्त नांगरे पाटील की तारीफ की
नागपुर में ओयो होटलों को लेकर नए नियम लागू होने के संकेत, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील की तैयार की गई नियमावली की सराहना की।
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राज्य में तेजी से फैल रही ओयो की ऑनलाइन होटल और रूम बुकिंग सेवा को लेकर सरकार नई नियमावली लागू कर सकती है। इस दिशा में नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने पहले ही कदम उठा लिया है। इसी मामले पर नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने मीडिया से बातचीत में अहम जानकारी दी, जिससे आने वाले समय में ओयो को लेकर और सख्ती बरते जाने के संकेत मिल रहे हैं।
बावनकुळे ने बताया कि ओयो जैसी जगहों पर लोग आते-जाते रहते हैं और इस बारे में उनकी पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री से चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि इन दोनों ने इस विषय को गंभीरता से लिया है। उन्होंने विश्वास नांगरे पाटील को इस बात के लिए बधाई दी कि उन्होंने अच्छी नियमावली तैयार की है। बावनकुळे के मुताबिक अब ओयो होटल में जाने वाले हर व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा। साथ ही 90 दिनों तक का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखना भी अनिवार्य होगा।
पालकमंत्री ने यह भी कहा कि नागपुर में हर दो होटलों के पीछे एक ओयो का बोर्ड लगा दिखता है, और यह जांचना जरूरी है कि यह बोर्ड आखिर किसलिए लगाया गया है। उनके अनुसार अब हर जगह ओयो पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। बावनकुळे ने कहा कि जिले की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा बिगड़ने न पाए, इसका खयाल विश्वास नांगरे पाटील ने रखा है, और इसके लिए वे उनकी तारीफ करते हैं। हालांकि यह साफ नहीं है कि नागपुर में लागू हो रही यह नियमावली पूरे राज्य में ओयो रूम बुकिंग सेवा के लिए लागू होगी या नहीं, यह आने वाले समय में देखना होगा।
इसी बातचीत में बावनकुळे ने मनोज जरांगे पाटील के मसले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फिलहाल मनोज जरांगे पाटील क्या करते हैं या उनकी भूमिका से ज्यादा जरूरी राज्य में सूखे की स्थिति का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में आंदोलन होने पर मुंबईकरों के लिए कानून व्यवस्था की दृष्टि से मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। बावनकुळे ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई में कानून व्यवस्था बिगड़े ऐसी स्थिति न बने, इसका ध्यान सबको रखना चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी आंदोलनकारियों से अनुरोध किया कि इस दौर में मुंबई में आंदोलन करना राज्य के हित में सही नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस पर की जा रही आलोचना महाराष्ट्र और समाज को रास नहीं आ रही है।