OFC के नाम पर सड़क खोदने वाली कंपनियों पर नागपुर मनपा लाएगी सख्त प्रस्ताव
नागपुर मनपा की आम सभा में बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय करने वाला प्रस्ताव पेश होगा।
नागपुर में ऑप्टिकल फाइबर केबल यानी ओएफसी बिछाने के नाम पर सड़कें खोदकर छोड़ देने वाली दूरसंचार कंपनियों की अब खैर नहीं। नागपुर मनपा अब इन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में है और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने वाला एक प्रस्ताव बुधवार को मनपा की आम सभा में लाया जाएगा।
यह आम सभा भट सभागृह में होगी। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। दरअसल केंद्र सरकार ने नया 'दूरसंचार नियम (राइट ऑफ वे) 2024' और नया 'दूरसंचार कानून 2023' अधिसूचित किया है, जिसके तहत अब सड़क खोदने के बाद उसकी मरम्मत और पुनरुद्धार की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की ही होगी।
नागपुर मनपा ने इस नीति को लागू करने की सारी तैयारी पूरी कर ली है। मनपा कमिश्नर इस प्रस्ताव को पहले ही अपनी मंजूरी दे चुके हैं। अब इसे जानकारी और रिकॉर्ड के लिए मनपा की आम सभा के सामने रखा जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को सड़क खोदने की परमिशन के लिए आवेदन करते समय ही एक शर्त पूरी करनी होगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी की दर सूची के हिसाब से जो मरम्मत राशि तय होगी, उसका 20 प्रतिशत हिस्सा सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर बैंक गारंटी के रूप में मनपा में जमा कराना पड़ेगा। यह सुरक्षा राशि जमा कराए बिना कंपनी को खुदाई की परमिशन नहीं मिलेगी।
इतना ही नहीं, कंपनी को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वह तय समय सीमा के भीतर सड़क को पहले जैसी हालत में दुरुस्त कर देगी। सीपीडब्ल्यूडी की जो दरें समय-समय पर संशोधित होती रहती हैं, उन्हीं को इसके लिए स्टैंडर्ड माना जाएगा।
राज्य सरकार ने 19 दिसंबर 2022 को 'महाराष्ट्र टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर गाइडलाइंस फॉर अर्बन बॉडीज, 2022' नाम से एक शासनादेश जारी किया था। अब उस पुरानी गाइडलाइन को किनारे रखते हुए केंद्र सरकार का यह नया राइट ऑफ वे नियम पूरे राज्य की सभी मनपा, नगरपालिका और नगर पंचायतों में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि इस नए कानून और नियमों के पीछे मकसद यह है कि देश और राज्य भर में मजबूत डिजिटल और दूरसंचार नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो। इससे कनेक्टिविटी तो बेहतर होगी ही, आर्थिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। साथ ही इन नियमों से शहर के लोगों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि अभी केबल खुदाई के बाद महीनों तक सड़कें उखड़ी रहती हैं और गड्ढों की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।