न्हाळेवाडी में दो साल के जय की तेंदुए के हमले में मौत, तीन गांवों के लोग जलमंदिर पहुंचे
सातारा के न्हाळेवाडी में तेंदुए के हमले में दो साल के जय खंडागळे की जान चली गई। इसके बाद रविवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मृत बच्चे के रिश्तेदारों के साथ आसपास के तीन गांवों के ग्रामीण सीधे सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले के जलमंदिर पैलेस पहुंच गए। उनका सवाल था कि अगर घर के दरवाजे पर खेलते बच्चे को भी सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो वनविभाग के उपाय आखिर किसके लिए हैं।
जय संदीप खंडागळे शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे घर के सामने खेल रहा था। आसपास घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मारा। हमले में जय गंभीर रूप से जख्मी हुआ और इलाज मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
खबर गांव में फैलते ही डर के साथ-साथ वनविभाग के काम करने के तरीके पर गुस्सा भी बढ़ता गया। एक तरफ घर में बच्चे का शव था और दूसरी तरफ गांव के आसपास तेंदुए का खौफ। ऐसे में ग्रामीणों ने सिर्फ आर्थिक मदद नहीं मांगी। उन्होंने जोर दिया कि तेंदुए का फौरन बंदोबस्त किया जाए। जलमंदिर पैलेस पर ग्रामीण बड़ी संख्या में जमा हुए तो वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस भी वहां पहुंच गई।
ग्रामीणों ने वनविभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा और तेंदुए को पकड़ने के लिए तुरंत मुहिम शुरू करने की मांग रखी। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि तेंदुए को जल्द से जल्द पिंजरे में बंद किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि अब वादा नहीं, कार्रवाई दिखनी चाहिए।
इस बीच सांसद उदयनराजे भोसले की मौजूदगी में वनविभाग ने मृत बच्चे के परिवार को 10 लाख रुपये की फौरी मदद दी। बाकी 15 लाख रुपये की मदद एक महीने के भीतर सरकारी नियमों के मुताबिक देने का आश्वासन दिया गया। फिर भी इस मदद से परिवार का दर्द कम नहीं हुआ है। जय के पिता संदीप खंडागळे ने कहा, "पैसे से हमारा जय वापस नहीं आएगा। हमारे बेटे की जान गई, अब दूसरे बच्चे की जान मत जाने दो। तेंदुए का हमेशा के लिए बंदोबस्त करो।"
न्हाळेवाडी इलाके में बढ़ते खतरे को देखते हुए कल सातारा के जिलाधिकारी की मौजूदगी में वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में तेंदुए के बंदोबस्त, लोगों की सुरक्षा के उपाय और आगे ऐसी घटनाएं रोकने की जरूरी योजना पर चर्चा होगी। लेकिन ग्रामीणों के सामने सवाल यह है कि बैठकों और आश्वासनों से आगे असल कार्रवाई कब होगी।
जय की जान जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अगर यह हरकत ठोस कार्रवाई में नहीं बदली, तो न्हाळेवाडी में गुस्सा और बढ़ने की आशंका है।