मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:35 IST

नवरात्रि में तीन दिन बाद भी जव नहीं उगे तो घबराएं नहीं, ये पांच उपाय आजमाएं

नवरात्रि में घट बिठाने के बाद जव न उगें तो क्या करें, वजहें और उपाय।

नवरात्रि में तीन दिन बाद भी जव नहीं उगे तो घबराएं नहीं, ये पांच उपाय आजमाएं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नवरात्रि में घट बिठाने के बाद जव यानी जौ को सबसे अहम माना जाता है। घट के सामने मिट्टी में बोया गया जव हरा-भरा उगे तो कहते हैं कि घर में बरकत आती है। ऐसा भी माना जाता है कि जव का अच्छा उगना देवी के प्रसन्न होने की निशानी है। लेकिन कई बार जव बो दिए जाते हैं और तीन दिन बाद भी अंकुर नहीं निकलता। तब लोग घबरा जाते हैं।

मन में सवाल आते हैं कि क्या यह अशुभ होगा और क्या पैसे की तंगी आएगी। सच यह है कि घबराने की कोई वजह नहीं है। थोड़ा ध्यान दिया जाए तो जव दोबारा उग जाता है। नवरात्रि का तीसरा दिन बीत जाने पर भी जव न आए तो ये उपाय फौरन कर लें।

पहले वजह समझ लें। सबसे पहली वजह है ज्यादा पानी। लोग बार-बार पानी डालते रहते हैं और इससे बीज सड़ जाता है। दूसरी वजह है पुराना बीज। दुकान से लाया जव बहुत पुराना हो तो वह जमता नहीं। तीसरी वजह है मिट्टी। मिट्टी बहुत सख्त हो या बर्तन में छेद न हो तो पानी भरा रह जाता है और जव खराब हो जाता है।

पहला उपाय: ज्यादा पानी न डालें। दिन में दो-तीन बार मग से पानी न उड़ेलें। हाथ से थोड़ा पानी छिड़कें। मिट्टी गीली रहनी चाहिए, कीचड़ नहीं बननी चाहिए। पानी ज्यादा हुआ तो बीज सड़ता है।

दूसरा उपाय: मिट्टी पर गीला कपड़ा या केले का पत्ता रख दें। इससे अंदर गर्माहट रहती है और बीज जल्दी फूटता है। रोज कपड़ा हटाकर देखें कि अंकुर आया या नहीं। अंकुर दिख जाए तो कपड़ा हटा दें।

तीसरा उपाय: रोज थोड़ा पानी छिड़कते रहें। मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें। सुबह और शाम थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कें। स्प्रे हो तो और अच्छा है। इससे मिट्टी में नमी रहती है और बीज को नुकसान भी नहीं होता।

चौथा उपाय: नया बीज डालें। अगर लगे कि बीज खराब या पुराना है तो नया बीज लाकर उसी मिट्टी में दबा दें। पुराना बीज निकालें नहीं, वहीं नया डाल दें। दो-तीन दिन में नए अंकुर आ जाएंगे।

पांचवां उपाय: बर्तन और मिट्टी बदलें। कभी बर्तन ही खराब होता है या मिट्टी में कंकड़ होते हैं। ऐसा लगे तो दूसरा नया बर्तन लें, उसमें छनी हुई नरम मिट्टी भरें और फिर से जव बोएं। यह उपाय करने से पहले घर के किसी बड़े-बुजुर्ग या गुरुजी से एक बार पूछ लें। बेवजह घट को न हिलाएं।

जव की बढ़त से क्या संकेत मिलता है, इस बारे में दादी-नानी कहा करती थीं कि जव जैसा बढ़ता है, उससे घर का भविष्य पता चलता है। जव ऊंचा, सीधा और हरा दिखे तो माना जाता है कि घर में सब अच्छा होगा, काम में कामयाबी मिलेगी और घर में शांति रहेगी। जव पीला या फीका पड़े तो थोड़ा ध्यान देने को कहा जाता है, क्योंकि इसका मतलब पैसे की थोड़ी तंगी या ज्यादा मेहनत हो सकता है। जव बहुत छोटा रह जाए या कम उगे तो माना जाता है कि काम में अड़चनें आएंगी।

लेकिन ये सब अंदाजे हैं। देवी पर भरोसा रखें। जव नहीं उगे तो घबराएं नहीं और मन से पूजा करें। ऊपर बताए उपाय करेंगे तो जव नवरात्रि के अंत तक जरूर हरा हो जाएगा और देवी का आशीर्वाद भी मिलेगा।

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